खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर उपखंड स्थित पहेल गांव में मरीजों को बेहतर इलाज देने के मकसद से करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से नए पीएचसी का आधुनिक भवन बनकर तैयार है, लेकिन पिछले करीब दो साल से यह केवल बिजली और पानी कनेक्शन के इंतजार में धूल फांक रहा है। नतीजा यह है कि उद्घाटन होने से पहले ही भवन धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है और इसकी दीवारों का चूना तक झड़ने लगा है।
करोड़ों की सुविधा, फिर भी आम लोगों तक नहीं पहुंच
सरकार जिले के अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन इतनी राशि लगने के बाद भी यह सुविधा आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रही। पहेल गांव का यह भवन इसका सीधा उदाहरण है, जहां पूरी तरह तैयार ढांचा होने के बावजूद इलाज की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है।
सुनसान भवन बना असामाजिक तत्वों का ठिकाना
करीब दो साल से सुनसान पड़े रहने के कारण डॉक्टर और स्टाफ के लिए बने इस आशियाने को जिम्मेदार विभाग जैसे भूल ही गया है। अब यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है और शाम होते ही यह शराबियों का अड्डा बन जाता है। अस्पताल भवन के आसपास और डॉक्टरों के लिए बनाए गए आवासों के चारों ओर बिखरी शराब की टूटी बोतलें और कांच के टुकड़े पूरी कहानी खुद बयां कर रहे हैं।
भवन के अंदर बैठकर शराब पीने के लिए पीछे बने तीन क्वार्टर के करीब दो मुख्य दरवाजे तक तोड़ दिए गए हैं। इतना ही नहीं, भवन में बिजली के लिए लगाए गए लाइट बोर्ड भी असामाजिक तत्वों ने तोड़ डाले हैं।
13 साल से अस्थायी इंतजाम में चल रही पीएचसी
पहेल पीएचसी करीब 13 साल से अस्थायी व्यवस्था के सहारे चल रही है। यहां लैब का काम एएनएम आवास की रसोई में, जबकि डॉक्टर परामर्श, पर्ची काटने और इंजेक्शन लगाने का काम बेडरूम और डाइनिंग हॉल में किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों को इलाज के दौरान जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, वे नहीं मिल पा रहीं।
हैंडओवर-टेकओवर में अटका मामला
नए पीएचसी भवन की मांग लंबे समय से चली आ रही थी। पहले नया भवन बनने का मामला कई सालों तक अटका रहा और अब दो साल पहले भवन तैयार हो जाने के बाद हैंडओवर और टेकओवर का पेंच फंस गया है। इसी प्रक्रिया और अधूरे कार्यों के चलते करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति लगातार बदहाल होती जा रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी
खैरथल-तिजारा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट ने बताया कि पहेल पीएचसी में अभी बिजली समेत कुछ छोटे-छोटे कार्य बाकी हैं। इन कार्यों को पूरा कराने के लिए जिला कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से बजट के लिए पत्र लिखा जा चुका है। उन्होंने कहा कि बजट स्वीकृत होते ही शेष कार्य पूरा कराकर पीएचसी को जल्द से जल्द नई बिल्डिंग में संचालित किया जाएगा।
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