उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट तक संचालित होने वाली उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की 45 इलेक्ट्रिक बसों और 3 हाइड्रोजन बसों को लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रवाना किया। इसी अवसर पर उन्होंने नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो की शुरुआत भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ग्रीन मोबिलिटी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट का विजन दिया है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार आने वाले समय में हर शहर और गांव को पेट्रोल-डीजल मुक्त ग्रीन मोबिलिटी इलेक्ट्रिक सेवा से जोड़ेगी। हर नागरिक को बेहतर, आरामदायक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा देने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में परिवहन विभाग का बेड़ा बड़ा हो रहा है, इसलिए उसके काम भी बड़े दिखाई देने चाहिए।
15 जून से शुरू होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ पश्चिम एशिया में जारी तनाव आज बड़ी चुनौतियां हैं। इन्हीं के चलते दुनिया वायु प्रदूषण, अतिवृष्टि, अनावृष्टि और ओलावृष्टि का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि थोपे गए युद्धों की कीमत समूची मानवता को चुकानी पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के विजन को जमीन पर उतारने के लिए 15 जून से भारत के सबसे बड़े हवाई अड्डे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन प्रारंभ होने जा रहा है। देश के सबसे बड़े आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक हब तथा सुचारु वायुसेवा को ध्यान में रखते हुए यात्रियों और नागरिकों की सुविधा के लिए तीनों अथॉरिटी—नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा—ने परिवहन निगम के जरिये यह सेवा शुरू की है। सीएम ने इसे नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम बताया।
बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरा नोएडा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, स्टार्टअप्स और सेमीकंडक्टर समेत अनेक औद्योगिक गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में सामने आई हैं। दुनिया की बड़ी कंपनियों को यहां लाने के साथ ही पर्यावरण अनुकूल परिवहन आज समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में मेट्रो भी चल रही है, लेकिन लास्ट माइल कनेक्टिविटी की दृष्टि से इलेक्ट्रिक बस सेवा मील का पत्थर साबित होगी।
सीएम ने बताया कि 15 जून तक तीनों अथॉरिटी की ओर से 110 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। मांग बढ़ने के साथ इसमें क्रमिक रूप से वृद्धि करते हुए तीनों अथॉरिटी के माध्यम से 500 बसों तक संचालन किया जाएगा।
नए उत्तर प्रदेश में दिख रहा बदलाव
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले और बाद के उत्तर प्रदेश का अंतर समझाते हुए कहा कि नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में बदलाव साफ दिख रहा है और 9 वर्ष में यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले टूटी सड़कें, गायब बिजली, असुरक्षा, अराजकता और अव्यवस्था के माहौल में नागरिकों के सामने पहचान का संकट था और तब प्रदेश में निवेश की बात दिवास्वप्न जैसी लगती थी।
उन्होंने कहा कि 2017 के बाद का उत्तर प्रदेश विश्वस्तरीय रोड और एयर कनेक्टिविटी के लिए जाना जाता है। प्रदेश के पास हाईवे और एक्सप्रेसवे समेत 4 लाख किमी का सड़क नेटवर्क है और इंटर स्टेट कनेक्टिविटी सबसे बेहतर है। जो प्रदेश 9 वर्ष पहले बदहाल सड़कों के लिए पहचाना जाता था, आज वह एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर बोले मुख्यमंत्री
सीएम ने कहा कि 2019 में प्रयागराज कुंभ के दौरान सरकार ने कैबिनेट में गंगा एक्सप्रेसवे की घोषणा की थी। मेरठ से प्रयागराज के बीच देश के सबसे बड़े गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को आश्चर्य होता है कि यह वही उत्तर प्रदेश है, जहां कभी सड़क और गड्ढे में अंतर तक नहीं पता चलता था। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक, दिल्ली-मेरठ 12 लेन एक्सप्रेसवे और जल्द ही लोकार्पित होने वाला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे नए यूपी की नई पहचान बन चुके हैं।
अब यूपी में 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट
प्रदेश की बेहतर एयर कनेक्टिविटी का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि प्रयागराज में 11 महीने में एयरपोर्ट बनकर तैयार हुआ और जेवर में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन गया है। उन्होंने कहा कि त्रेतायुग में भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या आए थे, लेकिन उसके बाद अयोध्यावासियों को कभी वायुसेवा नहीं मिली। अयोध्या हजारों वर्षों तक उपेक्षित रही और आजादी के बाद भी अपमानित होती रही, जबकि आज वहां महर्षि वाल्मीकि को समर्पित एयरपोर्ट संचालित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में लखनऊ, अयोध्या, काशी, कुशीनगर और नोएडा समेत 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। नोएडा एयरपोर्ट यात्रियों के साथ-साथ कार्गो और एमआरओ हब के रूप में भी खुद को स्थापित करने जा रहा है।
17 नगर निगमों में 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 20 में से उत्तर प्रदेश के 7 शहरों में मेट्रो चल रही है और 17 नगर निगमों में 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। नोएडा में सरकार आज यह सुविधा शुरू कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले इलेक्ट्रिक बसें बाहर से मंगानी पड़ती थीं, लेकिन अब टाटा मोटर्स और अशोक लीलैंड हिंदुजा ग्रुप ने लखनऊ में इलेक्ट्रिक बस के दो-दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाकर यह सुविधा देनी शुरू कर दी है।
यीडा में चलेंगी 3 हाइड्रोजन बसें
सीएम ने कहा कि आज से यमुना अथॉरिटी में तीन हाइड्रोजन बसें भी चलाई जा रही हैं, जिन्हें यीडा को एनटीपीसी ने उपलब्ध कराया है। इनमें ग्राउंड या सरफेस वाटर के बजाय सीवर वाटर का उपयोग कर हाइड्रोजन तैयार होगा। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी को एक अभिनव अवधारणा बताते हुए कहा कि इन बसों का संचालन भी जेवर एयरपोर्ट के पास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण घटाने और जहरीले वातावरण से बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमारों को बचाने में इनकी बड़ी भूमिका रहेगी।
नेट जीरो लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध सरकार
मुख्यमंत्री ने बताया कि नेट जीरो लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रदेश सरकार ने विश्व बैंक की मदद से 2741 करोड़ रुपये की लागत वाला उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (यूपी कैंप) शुरू किया है। उन्होंने कहा कि 9 वर्ष पहले नगरीय क्षेत्रों में हैलोजन बल्ब जलते थे, जिनमें बहुत ऊर्जा खर्च होती थी और उनसे आकर्षित होकर कीड़े-मकोड़े जलने से बदबू फैलती थी। साल 2017 में सरकार ने 15 लाख से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाईं, जिससे ऊर्जा की बचत हुई और कार्बन उत्सर्जन भी कम हुआ।
सीएम योगी ने ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं के संचालन में बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता देने की भी बात कही। कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता 'नंदी', परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी समेत कई गणमान्य मौजूद रहे।
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