केदारनाथ समेत चारों धामों में उमड़ रही भारी भीड़, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और श्रद्धालुओं की दिक्कतों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने यात्रा प्रबंधन को लेकर अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा के लिए एक नई और विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की जाए, ताकि दर्शन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बन सके।
क्षमता के अनुसार ही मिलेगी दर्शन की अनुमति
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब धामों की निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी, जिससे किसी तरह की अव्यवस्था या भीड़भाड़ की स्थिति पैदा न हो। हाल के दिनों में कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें केदारनाथ में भारी भीड़, लंबी कतारें और परेशान श्रद्धालु दिखाई दिए। कई लोगों ने यात्रा पर आने से पहले बेहतर इंतजाम सुनिश्चित करने की अपील भी की थी। इन्हीं घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रा प्रबंधन की समीक्षा कर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए।
होल्डिंग एरिया में रुकेगी अतिरिक्त भीड़
सीएम धामी ने कहा कि यदि किसी धाम या पड़ाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं, तो उन्हें नीचे बनाए गए होल्डिंग एरिया और प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर रोका जाएगा। वहां से चरणबद्ध तरीके से यात्रियों को आगे भेजा जाएगा, ताकि धामों में अनियंत्रित भीड़ न पहुंचे। साथ ही श्रद्धालुओं को लगातार यह जानकारी दी जाएगी कि उन्हें क्यों रोका गया है, प्रतीक्षा का अनुमानित समय कितना है और आगे की व्यवस्था क्या रहेगी।
एलईडी, सोशल मीडिया और एफएम से मिलेगी जानकारी
सरकार ने सूचना तंत्र को मजबूत करने का भी फैसला लिया है। इसके तहत एलईडी डिस्प्ले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एफएम रेडियो के जरिए मौसम, सड़क बंद होने, ट्रैफिक जाम या दर्शन में देरी जैसी जानकारियां समय-समय पर यात्रियों तक पहुंचाई जाएंगी। इसका मकसद यात्रियों के बीच भ्रम और असंतोष की स्थिति को रोकना है।
ठहराव स्थलों पर जरूरी सुविधाएं अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जाएगा, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं।
वाहनों की आवाजाही पर नए नियम
चारधाम यात्रा मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्री वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं ट्रक और अन्य भारी मालवाहक वाहनों को केवल रात के समय संचालन की अनुमति दी जाएगी, जबकि दिन के समय इन वाहनों पर रोक रहेगी, ताकि तीर्थयात्रियों को जाम से राहत मिल सके।
हेली एम्बुलेंस और रेट लिस्ट को लेकर निर्देश
सरकार ने हेली एम्बुलेंस सेवा के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने तथा होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, चारधाम यात्रा अब ऐसे चरण में प्रवेश कर रही है जहां मौसम की चुनौती बढ़ेगी, इसलिए सुरक्षा और सुचारु प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
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