गंडक तट पर अनूठी संस्कार शाला, जहां मुफ्त पढ़ाई के साथ बच्चे सीख रहे जीवन का सलीका

गंडक नदी के किनारे चल रही संस्कार शाला आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के साथ नैतिक मूल्य और जीवन जीने का सही तरीका भी सिखा रही है। स्थानीय लोग इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बता रहे हैं।

गंडक नदी के शांत किनारे एक ऐसी निराली पाठशाला संचालित हो रही है, जो बच्चों को सिर्फ अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें एक अच्छा इंसान बनने की राह भी दिखाती है। संसाधनों की कमी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों के बच्चों के लिए यह संस्कार शाला किसी वरदान से कम नहीं है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्य, सामाजिक व्यवहार और जीवन जीने का सलीका भी सिखाया जाता है।

जिम्मेदार नागरिक बनाने की कोशिश

इस पहल का प्रमुख मकसद उन बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना है, जो पैसों की कमी या किसी अन्य वजह से नियमित स्कूलों तक नहीं पहुंच पाते। नदी किनारे के खुले और शांत माहौल में चलने वाली इस शाला में बच्चे पूरे उत्साह के साथ पढ़ते हैं। उन्हें हिंदी, गणित और विज्ञान जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। साथ ही समाज में रहने का तरीका, बड़ों के प्रति आदर, अनुशासन का पालन और जिम्मेदार नागरिक बनने के गुण भी सिखाए जाते हैं।

सिर्फ किताबी ज्ञान देना मकसद नहीं

शाला से जुड़े शिक्षकों का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं होता। बच्चों को जीवन से जुड़ी जरूरी बातें भी सिखाई जानी चाहिए, ताकि वे आगे चलकर आत्मनिर्भर और जवाबदेह नागरिक बन सकें। इसी सोच के साथ यहां पढ़ाई के अलावा संस्कारों और नैतिक शिक्षा पर खास ध्यान दिया जाता है।

बच्चों के चेहरे पर सीखने की चमक

इस शाला में आने वाले बच्चों के चेहरों पर सीखने का उत्साह साफ झलकता है। कई बच्चे ऐसे हैं, जिनके पास पढ़ाई के लिए जरूरी सामान तक नहीं था, लेकिन इस पहल ने उन्हें शिक्षा से जुड़ने और अपने सपनों को आकार देने का मौका दिया है। बच्चे रोजाना यहां पहुंचते हैं और पूरी लगन के साथ पढ़ाई में जुटते हैं।

समाज के लिए प्रेरणा बनी पहल

स्थानीय लोगों का कहना है कि गंडक के तट पर शुरू हुई यह पहल समाज के लिए एक प्रेरक संदेश है। जहां एक ओर कई बच्चे सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई से दूर हो जाते हैं, वहीं यह संस्कार शाला उन्हें नई दिशा और नई उम्मीद दे रही है। यहां पढ़ने वाले बच्चे बताते हैं कि उन्हें पढ़ाई के साथ कई नई बातें सीखने को मिलती हैं और शिक्षक उन्हें बड़े सपने देखने तथा उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा देते हैं।

उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव

गंडक किनारे चलने वाली यह संस्कार शाला इस बात का उदाहरण है कि अगर समाज को बदलने की सच्ची इच्छा हो, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा काम किया जा सकता है। यह महज एक पाठशाला नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की एक मजबूत बुनियाद बनती जा रही है।

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