झारखंड के जमशेदपुर के होनहार छात्र ध्रुव कात्यायन ने JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक 295 हासिल कर पूरे कोल्हान क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि के साथ वह कोल्हान टॉपर बन गए हैं। उनकी इस कामयाबी से परिवार, शिक्षक और शहरवासी सभी बेहद गर्व का अनुभव कर रहे हैं।
ध्रुव के पिता हरे राम झा टाटा स्टील में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता नीतू झा गृहिणी हैं। उनकी बड़ी बहन श्रेया पेशे से इंजीनियर हैं और इस समय एक बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी में काम कर रही हैं।
कोटा में पूरी की JEE की तैयारी
ध्रुव ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जमशेदपुर में ही की। उन्होंने राजेंद्र विद्यालय से 10वीं की परीक्षा दी, जिसमें उन्हें 97 प्रतिशत अंक मिले। इसके बाद इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए वह कोटा गए और एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया। वहीं से उन्होंने 12वीं की परीक्षा 95.6 प्रतिशत अंकों के साथ पास की।
JEE Main में उन्हें 99.97 परसेंटाइल हासिल हुआ था, जिसके आधार पर उनकी ऑल इंडिया रैंक 429 रही थी। अब JEE Advanced में 295वीं रैंक पाकर उन्होंने अपनी मेहनत को और बुलंदी दी है।
IIT दिल्ली से Mathematics and Computing की चाह
आगे की पढ़ाई को लेकर ध्रुव काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि वह IIT दिल्ली की Mathematics and Computing शाखा में दाखिला लेना चाहते हैं। उनका मानना है कि IIT सिर्फ पढ़ाई का संस्थान नहीं, बल्कि खुद को पहचानने और नए अवसर तलाशने का मंच भी है। वह आने वाले वर्षों में अपनी रुचियों और संभावनाओं को और बेहतर ढंग से एक्सप्लोर करना चाहते हैं।
शतरंज में भी गहरी दिलचस्पी
पढ़ाई के अलावा ध्रुव की रुचि शतरंज में भी रही है। स्कूल के दिनों से ही वह चेस के अच्छे खिलाड़ी रहे हैं और कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। उनका मानना है कि शतरंज ने उनमें धैर्य, रणनीति और कठिन हालात में सही फैसला लेने की क्षमता विकसित की, जिसका फायदा उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान भी मिला।
तैयारी कर रहे छात्रों के लिए संदेश
JEE की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए ध्रुव का संदेश बेहद सरल और प्रेरक है। उनका कहना है कि यह परीक्षा उतनी मुश्किल नहीं है, जितनी आमतौर पर समझी जाती है, असल खेल तो सही माइंडसेट का होता है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने मन को शांत और स्थिर रखना चाहिए और शिक्षकों के दिए निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन करना चाहिए। रोज मिलने वाले होमवर्क और अभ्यास को नियमित रूप से पूरा करना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
छात्रों के लिए ध्रुव का मंत्र
ध्रुव ने सुझाव दिया कि शुरुआत में केमिस्ट्री पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि आगे चलकर यही विषय सबसे आसान लगने लगता है। साथ ही मैथ्स और फिजिक्स का प्रतिदिन अभ्यास करना बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्रों को सेल्फ नोट्स और शॉर्ट नोट्स बनाने की भी सलाह दी।
इसके अलावा उन्होंने एक अलग कॉपी में सिर्फ अपनी गलतियां लिखने और परीक्षा से दो-तीन दिन पहले उन्हीं गलतियों को दोहराने की बात कही। उनका मानना है कि परीक्षा के आखिरी दिनों में तनाव लेने के बजाय परिवार के साथ समय बिताना और सकारात्मक बने रहना बेहतर प्रदर्शन की सबसे बड़ी कुंजी है।
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