भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे लीगल एड डिफेंस काउंसिल के वकीलों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (MPSLSA) के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस विवेक रूसिया को लिखित शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रीना वर्मा, सहायक अधिवक्ता श्रेयस सक्सेना और एक अन्य अधिकारी की भूमिका पर सीधे आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि जिन वकीलों की नियुक्ति आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को नि:शुल्क कानूनी सहायता देने के लिए की गई है, वही अब आरोपी गिरिबाला सिंह की सहायता में जुटे हुए हैं।
नियुक्ति के समय जज थीं गिरिबाला सिंह
नवनिधि शर्मा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि रीना वर्मा और श्रेयस सक्सेना की नियुक्ति उस दौर में हुई थी, जब गिरिबाला सिंह भोपाल की जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर थीं। इसी आधार पर आशंका जताई गई है कि दोनों वकीलों के आरोपी पक्ष से व्यक्तिगत संबंध हो सकते हैं।
आर्थिक रूप से सक्षम हैं गिरिबाला सिंह
शिकायत में यह भी कहा गया है कि लीगल एड वकीलों की जिम्मेदारी उन लोगों की मदद करना है जो निजी वकील रखने में सक्षम नहीं होते। दूसरी ओर गिरिबाला सिंह आर्थिक रूप से पूरी तरह सक्षम हैं और उनके पास अपने निजी वकील भी मौजूद हैं। ऐसी स्थिति में लीगल एड से जुड़े वकीलों का उनकी पैरवी करना इस व्यवस्था के मूल उद्देश्य के विपरीत माना जा रहा है।
श्रेयस सक्सेना पर लगे आरोप
श्रेयस सक्सेना पर आरोप है कि उन्होंने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान उनके निजी वकील के साथ अदालत में उपस्थित रहकर पैरवी की। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि श्रेयस सक्सेना आरोपी समर्थ सिंह के मित्र हैं और उसकी शादी में शामिल हुए थे। शादी समारोह में उनके डांस करते हुए की तस्वीरों का भी जिक्र शिकायत में किया गया है।
रीना वर्मा और अन्य अधिकारी पर सवाल
शिकायत के अनुसार रीना वर्मा पर आरोप है कि 2 जून 2026 को जब सीबीआई ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, तब उन्होंने वकालतनामा प्रस्तुत किया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि निजी वकीलों की उपस्थिति के बावजूद लीगल एड से जुड़े वकीलों का आरोपी पक्ष की ओर से पेश होना उचित नहीं है।
इसके साथ ही राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े सदस्य मनोज कुमार की भूमिका पर भी प्रश्न उठाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि ट्विशा शर्मा की मौत के बाद गिरिबाला सिंह ने उन्हें आठ बार फोन किया था।
निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपी पक्ष और संबंधित अधिकारियों के बीच कथित संपर्कों की स्वतंत्र पड़ताल कराने का अनुरोध किया है।
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