दौसा में महिला लेखाकार की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाए जहर देने और प्रताड़ना के आरोप

सिकराय उपकोष कार्यालय में तैनात 25 वर्षीय कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने उपकोष अधिकारी और कुछ कर्मचारियों पर प्रताड़ना तथा जहर देने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हर पहलू से जांच कर रही है।

दौसा जिले में एक महिला सरकारी कर्मचारी की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिकराय उपखंड मुख्यालय पर स्थित उपकोष कार्यालय में कार्यरत 25 वर्षीय कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने सीधे तौर पर उपकोष अधिकारी और दफ्तर के कुछ कर्मचारियों पर संगीन आरोप मढ़े हैं।

परिवार का कहना है कि शीतल को लंबे समय से कार्यालय में प्रताड़ित किया जा रहा था और उसके साथ ऐसा कुछ हुआ, जिसके चलते उसकी जान चली गई। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह साफ हो सकेगी।

तबीयत बिगड़ने के बाद जयपुर रेफर

बुधवार शाम दफ्तर में काम के दौरान अचानक शीतल मीणा की हालत बिगड़ गई। कार्यालय के कर्मचारी उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। शुरुआत में उन्हें उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर जयपुर रेफर कर दिया गया। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और मामला सीधे पुलिस तक पहुंच गया।

परिजनों के गंभीर आरोप

मृतका के भाई मोहनलाल मीणा, निवासी कैलाई ने मानपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि शीतल मीणा को कार्यालय में लगातार परेशान किया जाता था। परिजनों का दावा है कि दफ्तर के माहौल के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहती थी।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि किसी पेय पदार्थ में जहरीला पदार्थ मिलाकर उसे दिया गया, जिसके कारण उसकी तबीयत बिगड़ी और बाद में मौत हो गई। अस्पताल में इलाज के दौरान चिकित्सकों को उल्टियों में बदबू आने पर विषाक्त पदार्थ के सेवन की आशंका भी हुई थी, और इसी वजह से उसे तुरंत जयपुर रेफर किया गया था।

जनवरी 2025 में संभाला था पदभार

जानकारी के अनुसार शीतल मीणा ने जनवरी 2025 में ही सिकराय उपकोष कार्यालय में कनिष्ठ लेखाकार के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। वह सिकराय क्षेत्र के कैलाई गांव की रहने वाली थी। परिवार का कहना है कि नौकरी मिलने के बाद उसने अपने भविष्य को लेकर कई सपने संजोए थे, लेकिन अब उसकी मौत ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है।

घटना के बाद कार्यालय और स्थानीय प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर दफ्तर में ऐसा क्या हुआ कि एक युवा कर्मचारी की जान चली गई।

हर पहलू से हो रही जांच

मामले को लेकर डीएसपी धर्मराज चौधरी ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और अब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच केवल एक दिशा में नहीं, बल्कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं विषाक्त पदार्थ का सेवन हुआ था या नहीं। इसके साथ ही परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या और प्रताड़ना के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

न्याय की मांग, जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

फिलहाल शीतल मीणा की मौत दौसा जिले में चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। एक ओर परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई तक पहुंचने में जुटी है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस रहस्यमयी मौत के पीछे की असली कहानी सामने आ सके।

https://hindi.news18.com/news/rajasthan/dausa-suspicious-death-of-government-employee-sheetal-meena-in-dausa-investigation-continues-ws-l-10561948.html