शिवहर के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय का कमाल, 51 छात्रों को मिली कैंपस प्लेसमेंट

शिवहर के छतौना स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (जीईसी) के 51 विद्यार्थियों का चयन देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में हुआ है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुभवी शिक्षकों के दम पर यह संस्थान बिहार में रोजगार का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।

बिहार के सबसे छोटे जिले शिवहर के पिपराही प्रखंड स्थित छतौना में संचालित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (जीईसी) ने प्लेसमेंट के मोर्चे पर एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के अंतर्गत फरवरी 2026 तक संस्थान के कुल 51 विद्यार्थियों का चयन देश की अलग-अलग नामी कंपनियों में हो चुका है।

नौकरी पाने वाले इन प्रतिभाशाली छात्रों में सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (डेटा साइंस) जैसी अहम शाखाओं के विद्यार्थी शामिल हैं। कम खर्च में बेहतर तकनीकी शिक्षा देने वाला यह कॉलेज अब केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के छात्रों के लिए रोजगार का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

नामी कंपनियों ने दिए आकर्षक पैकेज

इस सत्र में कॉलेज प्रशासन की पहल पर कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित कीं। इनमें ‘सिक्योर मीटर्स लिमिटेड’ ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के रिकॉर्ड 17 छात्रों को नौकरी दी, वहीं ‘क्यू-स्पाइडर’ कंपनी ने सिविल, मैकेनिकल और कंप्यूटर साइंस विभाग के 7 छात्रों का चयन किया।

जनवरी और फरवरी 2026 में हुई ड्राइव में ‘इकोस्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘एएससी इंटरनेशनल’ जैसी कंपनियों ने 18 से अधिक छात्रों को चुना। इसके अलावा हाल ही में ‘ओ-टू सेवर’ कंपनी ने कंप्यूटर साइंस और सिविल इंजीनियरिंग के 5 छात्रों को 3 से 5 लाख रुपये के वार्षिक वेतन पैकेज (CTC) पर चुना है।

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण

जीईसी शिवहर की इस कामयाबी के पीछे यहां का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुभवी शैक्षणिक स्टाफ अहम भूमिका निभा रहा है। कॉलेज में पढ़ा रहे सभी शिक्षक बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा चयनित और उच्च योग्यताधारी हैं।

विद्यार्थियों के वैश्विक विकास के लिए संस्थान में एक अत्याधुनिक ‘फॉरेन लैंग्वेज लैब’ स्थापित की गई है, जहां छात्रों को जर्मन, फ्रेंच और जापानी जैसी विदेशी भाषाओं का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अनूठी पहल से जहां छात्रों के संचार कौशल में निखार आ रहा है, वहीं बहुराष्ट्रीय कंपनियों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर बनाने और उच्च शिक्षा हासिल करने के नए रास्ते भी खुल रहे हैं।

कुशल और वैश्विक सोच वाले इंजीनियर तैयार करने का संकल्प

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. केशवेंद्र चौधरी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए बताया कि संस्थान का मुख्य मकसद केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण, इंडस्ट्री इंटरैक्शन, स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी कार्यशालाओं के जरिए छात्रों की व्यावसायिक दक्षता को बढ़ाना है।

उन्होंने बताया कि कॉलेज में फिलहाल इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन और सिविल इंजीनियरिंग विद कंप्यूटर एप्लीकेशंस जैसे आधुनिक बीटेक कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं। प्राचार्य ने जोर देकर कहा कि संस्थान का लक्ष्य ऐसे कुशल, आत्मविश्वासी और वैश्विक दृष्टिकोण वाले तकनीकी पेशेवर तैयार करना है, जो आगे चलकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना सार्थक योगदान दे सकें।

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