तुलसी के पौधे तले छिपे 'खजाने' का झांसा, आधे दाम में नकली सोना बेचने वाले 5 जालसाज दबोचे, 1 किलो से ज्यादा मेटल बरामद

दुर्ग के उतई थाना क्षेत्र में जमीन में खजाना मिलने की झूठी कहानी सुनाकर नकली सोना बेचने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ लिया। एक मजदूर से 10 हजार रुपये की ठगी के बाद आरोपियों के पास से 1 किलो 242 ग्राम नकली सोना बरामद हुआ है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह की कमर तोड़ दी है, जो जमीन में गड़े खजाने की मनगढ़ंत कहानी सुनाकर भोले-भाले लोगों को चूना लगाता था। उतई थाना क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। ये जालसाज ग्रामीणों को यह यकीन दिलाते थे कि उन्हें जमीन के नीचे गड़ा हुआ खजाना मिला है और फिर मामूली धातु को असली सोना बताकर सस्ते दाम पर थमा देते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने जैसा दिखने वाला करीब 1 किलो 242 ग्राम वजनी नकली मेटल बिस्किट जब्त किया है। एक मजदूर से 10 हजार रुपये लेकर नकली सोना बेचे जाने की शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई और पूरे गिरोह को धर दबोचा। यह ठगी मुख्य रूप से गांवों और आम लोगों को निशाना बनाकर की जा रही थी।

ऐसे हुआ ठगी का खुलासा

पुलिस के अनुसार उतई थाना क्षेत्र के बोरसी निवासी मजदूर जीतेंद्र साहू ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। आरोपी पहले उन्हें 10 हजार रुपये में नकली सोना बेच चुके थे। बाद में जालसाजों ने उन्हें बताया कि उनके पास और भी सोना है, जो जमीन में एक हांडी में दबा हुआ मिला है। बाजार भाव से आधी कीमत पर बेचने का लालच देकर वे और सामान खपाने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही उनका भांडा फूट गया।

खुद तैयार करते थे नकली बिस्किट और सिक्के

जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग धातुओं को मिलाकर खुद ही नकली सोने के बिस्किट और सिक्के बनाते थे। ये गांव-गांव घूमकर लोगों को खजाना मिलने की कहानी सुनाते और भरोसा जीतने के बाद कम कीमत पर बेचने का प्रलोभन देते थे। निशाने पर ज्यादातर ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे लोग रहते थे।

शिकायत मिलते ही दुर्ग पुलिस ने घेराबंदी कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से नकली सोने के अलावा मोबाइल फोन और एक वैगनआर कार भी जब्त की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में पन्नालाल और दिनेश कुमार टंडन पहले भी ठगी के मामलों में शामिल रह चुके हैं।

फॉरेंसिक लैब से खुलेगा राज

एएसपी ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि बरामद नकली सोने को फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस नकली सोने को बनाने में किन-किन धातुओं का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों में इस तरह की ठगी आम रही है और कई लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके हैं।

पुलिस की लोगों से अपील

पुलिस ने अन्य पीड़ितों से भी आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि अगर अचानक सस्ते सोने का ऑफर मिले तो सतर्क रहें। किसी भी कीमती वस्तु की खरीदारी प्रमाणित जगह से ही करें और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर लोगों ने राहत महसूस की है और आगे की जांच में और भी खुलासे होने की उम्मीद है।

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