बाज़ार से नींबू खरीदते समय आपने अक्सर देखा होगा कि यह दो रंगों में मिलता है—पीला और हरा। दोनों ही सिट्रस यानी खट्टे फलों के परिवार से आते हैं और दोनों का स्वाद भी खट्टा ही होता है। यही वजह है कि ज़्यादातर लोग इन्हें एक ही फल के दो रूप मान लेते हैं। लेकिन हकीकत में पीले नींबू (लेमन) और हरे नींबू (लाइम) के बीच कई बड़े अंतर छिपे होते हैं।
लेमन और लाइम एक नहीं हैं
नींबू यानी लेमन का इस्तेमाल लगभग हर घर में रोज़ाना किसी न किसी रूप में होता है। बहुत से लोग सुबह उठते ही नींबू पानी पीना पसंद करते हैं, तो कई इसे सलाद में निचोड़ते हैं। लेमन की तरह ही लाइम भी होता है, बस फर्क रंग का है—लेमन पीला होता है और लाइम हरा। आम धारणा यह है कि नींबू ही दो अलग-अलग रंगों में आता है, जबकि असल में ये दो अलग चीज़ें हैं।
भले ही दोनों एक ही सिट्रस परिवार से जुड़े हों, लेकिन इनके रंग, आकार, खुशबू, स्वाद और पोषक तत्वों में काफी फर्क पाया जाता है।
रंग और आकार से पहचान
रसोई में आमतौर पर जो चमकीले पीले रंग और बड़े आकार वाला खट्टा फल दिखता है, वही लेमन यानी नींबू होता है। यह आकार में अंडाकार होता है और इसके एक या दोनों सिरों पर हल्का सा उभार जैसा हिस्सा बना होता है। दूसरी ओर, हरे रंग का, छोटे और गोल आकार वाला फल लाइम कहलाता है। ये दोनों ही नींबू की श्रेणी में आते हैं, हालांकि ज़्यादातर लोग पीले रंग वाले नींबू का ही उपयोग करते हैं।
स्वाद और खुशबू में अंतर
स्वाद के लिहाज़ से भी दोनों में अच्छा-खासा फर्क है। लेमन में सिट्रिक एसिड की मात्रा काफी अधिक होती है, जिसके कारण यह ज़्यादा खट्टा लगता है। इसके बावजूद कई बार इसकी सुगंध में हल्की मिठास भी महसूस होती है।
वहीं लाइम में एसिड की मात्रा कम होती है, लेकिन इसकी खुशबू ज़्यादा तेज़ और तीखी होती है। कभी-कभी यह थोड़ा कड़वा भी हो सकता है। हरे नींबू यानी लाइम के छिलके और रस का इस्तेमाल अचार, कॉकटेल और इंटरनेशनल व्यंजनों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
पोषक तत्व और सेहत के फायदे
पोषण की बात करें तो हरे और पीले—दोनों ही नींबू में भरपूर मात्रा में विटामिन सी मौजूद होता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बनाकर शरीर को इंफेक्शन और बीमारियों से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा विटामिन सी कोलेजन प्रोडक्शन को भी बढ़ावा देता है।
लाइम यानी हरे नींबू में फ्लेवोनॉएड्स नामक एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट अधिक पाया जाता है, जो पाचन में सहायता करता है और इंफ्लेमेशन को कम करने में मददगार होता है। इन दोनों को आप अपने हिसाब से रोज़ाना की डाइट में शामिल कर सकते हैं। इनसे फायदे ही मिलते हैं और नुकसान बेहद कम होता है।
किस-किस चीज़ में होता है इस्तेमाल
लेमन यानी पीले नींबू का इस्तेमाल मुख्य रूप से नींबू पानी, सलाद, चाय, मिठाइयों, दूध फाड़ने और बेकिंग आदि में किया जाता है।
दूसरी ओर लाइम यानी हरे नींबू का उपयोग चाट, मैक्सिकन और एशियाई व्यंजनों, मॉकटेल, कॉकटेल, मैरिनेड और सॉस जैसी चीज़ों में होता है।
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