कहा जाता है कि जितना बड़ा जोखिम, उतना बड़ा फायदा। यह बात आपने भी कई लोगों के मुंह से सुनी होगी। लेकिन जब जिंदगी में ऐसा मोड़ आता है, जहां सुरक्षा और सपनों में से किसी एक को चुनना पड़ जाए, तो अधिकतर लोग सुरक्षा का दामन थामना ही बेहतर समझते हैं।
हकीकत यह है कि सफल वही माने जाते हैं, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए जोखिम उठाने से कतराते नहीं हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी एक युवा कारोबारी की है, जिन्होंने अपने सपनों के पीछे चलने का फैसला किया और इसके लिए अपनी सुरक्षित सरकारी नौकरी तक को त्याग दिया।
नौकरी की सुरक्षा छोड़कर चुनी सपनों की राह
आज से 10 साल पहले इस उद्यमी ने एक बड़ा और साहसिक निर्णय लिया। नौकरी की निश्चित आमदनी और स्थायित्व को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने अपने सपने को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना। यही फैसला आगे चलकर उनके जीवन की दिशा बदलने वाला साबित हुआ।
10 लाख से शुरू हुआ कारोबार पहुंचा 150 करोड़ तक
शुरुआत में उन्होंने अपने व्यवसाय की नींव 10 लाख रुपये के साथ रखी थी। मेहनत, लगन और सही दिशा में किए गए प्रयासों का ही नतीजा रहा कि आज वही कारोबार 150 करोड़ रुपये की कंपनी का रूप ले चुका है। उनकी यह यात्रा बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो जोखिम भी कामयाबी की सीढ़ी बन जाते हैं।
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