चित्रकूट में 23 करोड़ की लागत से बनेगा प्रदेश का आठवां समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय, दिव्यांग बच्चों को मिलेंगी ये खास सुविधाएं

बुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में दिव्यांग और सामान्य विद्यार्थियों के लिए एक ही परिसर में पढ़ाई की सुविधा वाला प्रदेश का आठवां समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय बनने जा रहा है, जिस पर करीब 23 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

बुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई को नई दिशा देने के मकसद से जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिले में जल्द ही प्रदेश का आठवां समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय आकार लेने जा रहा है, जहां दिव्यांग विद्यार्थियों के साथ-साथ सामान्य छात्र भी एक ही परिसर में शिक्षा हासिल कर सकेंगे।

इस परियोजना के अमल में आने से विशेष जरूरत वाले बच्चों को बेहतर सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी, जिससे वे आगे चलकर आत्मनिर्भर बनने की राह पर बढ़ सकेंगे।

23 करोड़ की लागत से तैयार होगा भवन

यह विद्यालय चित्रकूट जिला मुख्यालय के बाबूपुर क्षेत्र में बनाया जा रहा है और इसके निर्माण पर करीब 23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यहां कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई हिंदी माध्यम में कराई जाएगी।

खास बात यह है कि भवन का निर्माण दिव्यांग विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाएगा, ताकि पढ़ाई के दौरान उन्हें किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। इसके लिए परिसर में रैंप, रेलिंग, ब्रेल संकेतक, विशेष रूप से तैयार किए गए शौचालय और दूसरी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इसके अलावा बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए विद्यालय में आधुनिक कंप्यूटर लैब की व्यवस्था भी रहेगी, जिससे दिव्यांग बच्चों के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों का भविष्य भी संवर सके।

50 विद्यार्थियों को मिलेगी निःशुल्क शिक्षा

जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी प्रियंका यादव के अनुसार यह समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय जिले के लिए एक अहम उपलब्धि साबित होगा। उन्होंने बताया कि विद्यालय में 50 से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक और सहायक सेवाएं मिल सकें।

उन्होंने बताया कि विद्यालय की कुल क्षमता 560 विद्यार्थियों की होगी, जिनमें 50 दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी और इन बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

प्राथमिक विद्यालयों में संसाधनों की कमी होगी दूर

अधिकारी ने बताया कि फिलहाल जिले के ज्यादातर दिव्यांग बच्चे प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं, जहां उनके लिए विशेष संसाधनों की कमी बनी रहती है। नए समेकित विद्यालय के शुरू होने के बाद ऐसे विद्यार्थियों को उनकी जरूरत के मुताबिक अनुकूल शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन की ओर से अभियान चलाकर दिव्यांग बच्चों का इस विद्यालय में दाखिला कराया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए।

https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/chitrakoot-eighth-consolidated-special-secondary-school-state-built-in-district-education-disabled-local18-10560890.html