राजस्थान की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के खेमों के बीच तनातनी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। दोनों गुटों के बीच खिंची तलवारें अब तक म्यान में वापस नहीं लौटी हैं। एक दिन पहले ही पायलट ने इशारों-इशारों में गहलोत को राजनीति का पाठ पढ़ाया था और गुरुवार को पूरा पायलट कैम्प गहलोत पर हमलावर हो गया। समर्थक नेताओं ने उन पर एक के बाद एक कई गंभीर आरोप जड़ दिए, जिससे सूबे का सियासी पारा चढ़ गया।
पायलट समर्थक नेताओं का सामूहिक हमला
सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि के मौके पर यह सियासी जंग और तेज हो गई। पायलट खेमे के कांग्रेस नेता रमेश मीणा, पीआर मीणा और डीसी बैरवा ने मिलकर अशोक गहलोत पर जमकर निशाना साधा। मीडिया के सामने इन नेताओं ने गहलोत पर लगातार कई बड़े आरोप मढ़े। पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने तो यहां तक कह दिया कि गहलोत कांग्रेस को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। बता दें कि रमेश मीणा पिछली गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
रमेश मीणा का नार्को टेस्ट वाला चुनौती भरा बयान
पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि अशोक गहलोत ने 2022 में हाईकमान के खिलाफ बगावत की थी, न कि पायलट के खिलाफ। उन्होंने कहा कि गहलोत मानेसर जाने वाले विधायकों पर 10-10 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगा रहे हैं। मीणा ने पलटवार करते हुए कहा कि वे खुद पायलट के साथ मानेसर गए थे और अगर किसी ने पैसे लिए हों तो गहलोत नार्को टेस्ट करवा लें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गहलोत को पद की भूख है।
'पायलट को रोकने के लिए बयानबाजी'
कांग्रेस नेता और पायलट समर्थक पूर्व विधायक पीआर मीणा ने दावा किया कि सचिन पायलट को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने का फैसला हाईकमान कर चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत सिर्फ पायलट को रोकने के मकसद से उनके खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं।
दौसा से कांग्रेस विधायक डीसी बैरवा भी इस मौके पर गहलोत पर हमला बोलने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि गहलोत पायलट पर गलत आरोप लगा रहे हैं। बैरवा के मुताबिक सबको पता है कि 2022 में गहलोत ने कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ बगावत की थी और विधायकों से इस्तीफे दिलवाए थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की कमान सचिन पायलट को सौंपी जानी चाहिए, लेकिन आखिरी फैसला हाईकमान को ही करना है। बैरवा ने भी दोहराया कि पायलट की राह रोकने के लिए ही गहलोत इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
राजेश पायलट की 26वीं पुण्यतिथि बनी शक्ति प्रदर्शन
रमेश मीणा, डीसी बैरवा और पीआर मीणा के ये बयान ऐसे समय में आए हैं, जब गहलोत और पायलट के बीच की सियासी जंग दोबारा जोर पकड़ने लगी है और सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। दरअसल, आज सचिन पायलट के पिता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की 26वीं पुण्यतिथि है। इस अवसर पर दौसा में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है, जहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ी है। खासकर पायलट खेमे के लगभग सभी नेता वहां मौजूद हैं और इसे पायलट के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
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