रीवा से पैसा दोगुना करने का लालच देकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये हड़पने का बड़ा मामला उजागर हुआ है। करीब 200 महिलाओं का आरोप है कि एक स्कूल संचालिका और उसके पति ने प्रॉपर्टी, एलआईसी तथा गोल्ड स्कीम में निवेश के नाम पर उनसे मोटी रकम जमा करवाई और तीन महीने में पैसा दोगुना लौटाने का वादा किया। पीड़ितों का कहना है कि अब यह दंपत्ति फरार है और महीनों से शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। थक-हारकर महिलाएं पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और न्याय की गुहार लगाई।
एसपी कार्यालय पहुंचीं पीड़ित महिलाएं
रीवा के समान थाना क्षेत्र की बाणसागर कॉलोनी की दर्जनों महिलाएं एसपी कार्यालय पहुंचीं। उनका आरोप है कि निजी स्कूल संचालिका आकला सुल्ताना उर्फ नंदा और उसके पति असलम ने निवेश का झांसा देकर बड़ी रकम जमा करवाई। पीड़ितों के मुताबिक तीन महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर उनसे लाखों-लाख रुपये वसूले गए। विश्वास दिलाने के लिए कुछ लोगों को चेक और एग्रीमेंट तक थमाए गए, मगर तय समय बीत जाने के बाद भी पैसा वापस नहीं किया गया।
महिलाओं ने बताया, 'हमने भरोसा करके पैसा लगाया था। कहा गया था कि तीन महीने में रकम डबल होकर लौट आएगी, लेकिन अब तक न पैसा मिला और न आरोपियों का पता है, वे फरार हैं।' पीड़ित महिलाओं का दावा है कि यह कथित योजना सिर्फ रीवा तक सीमित नहीं थी, बल्कि सतना, जबलपुर, छतरपुर और प्रयागराज की महिलाएं भी इसका शिकार बनीं। महिलाओं के अनुसार कई परिवारों ने कर्ज लेकर पैसा लगाया था और अब कर्ज देने वाले लगातार दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि लगभग नौ महीने पहले शिकायत देने के बावजूद आज तक एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई।
धमकियां दे रहे कर्जदाता
महिलाओं का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई और अब कर्ज देने वाले लोग उन्हें धमका रहे हैं। उनका कहना है कि यदि उनका पैसा वापस नहीं मिला तो उनके सामने कोई रास्ता नहीं बचेगा। इस मामले में राजनीतिक संरक्षण के भी आरोप लगाए जा रहे हैं।
कुछ महिलाओं का कहना है कि कथित आरोपी अक्सर प्रभावशाली लोगों और नेताओं के नाम का सहारा लेकर निवेश का भरोसा दिलाते थे। हालांकि जिन नेताओं के नाम सामने आए हैं, उन्होंने पहले ही इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खुद को भी पीड़ित करार दिया है। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। उधर, मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक गुरकरण सिंह ने जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि पीड़ितों द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है और जांच के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
मामले पर पुलिस का पक्ष
एसपी गुरकरण सिंह ने कहा, 'महिलाओं ने निवेश के नाम पर पैसा लेकर उसे दोगुना लौटाने का आरोप लगाया है। कुछ मामलों में चेक और एग्रीमेंट भी पेश किए गए हैं। पूरे प्रकरण की जांच सीएसपी को सौंपी गई है। दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।' इस पूरे मामले में करोड़ों रुपये की ठगी के गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन इनकी जांच अभी जारी है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच पर हैं कि पीड़ित महिलाओं को कब इंसाफ मिलता है और कथित आरोपियों पर क्या कार्रवाई होती है।
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