'जरूरत हो तो बेझिझक मांगना': जब ऋषि कपूर की दाऊद इब्राहिम से दुबई में हुई थीं दो मुलाकातें

अपनी आत्मकथा 'खुल्लम खुल्ला' में दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर ने बताया था कि 1993 के मुंबई बम धमाकों से पहले उनकी दाऊद इब्राहिम से दुबई में दो बार मुलाकात हुई थी, जिसमें डॉन ने उन्हें हर तरह की मदद का प्रस्ताव दिया था।

बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के रिश्ते हमेशा से चर्चा में रहे हैं। कई कलाकारों का नाम कुख्यात डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ता रहा है और कुछ ने इस बारे में खुलकर अपनी बात भी रखी है। दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर भी उन्हीं में से एक थे, जिन्होंने अपनी आत्मकथा 'खुल्लम खुल्ला' में बेबाकी से स्वीकार किया था कि उनकी दाऊद इब्राहिम से दो बार मुलाकात हुई थी।

मुलाकातों को कभी नहीं छिपाया

अपनी किताब में ऋषि कपूर ने स्पष्ट लिखा कि उन्होंने इन मुलाकातों को कभी छिपाने की कोशिश नहीं की। इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि ये मुलाकातें 1993 के मुंबई बम धमाकों से पहले की थीं। अभिनेता के मुताबिक, उस दौर में दाऊद को देश का दुश्मन नहीं समझा जाता था, इसलिए जब उन्हें उसकी ओर से मिलने का न्योता आया, तो उन्हें इसमें कुछ भी अटपटा या गलत महसूस नहीं हुआ।

दुबई एयरपोर्ट पर मिला अचानक फोन

किताब के अनुसार यह वाकया साल 1988 का है, जब ऋषि कपूर अपने दोस्त बिट्टू आनंद के साथ एक शो के सिलसिले में दुबई पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर उतरते ही एक अनजान व्यक्ति उनके पास आया और उन्हें एक फोन थमा दिया। ऋषि कपूर के मुताबिक उस शख्स ने कहा, 'दाऊद साहब बात करेंगे।' इसके बाद खुद गैंगस्टर ने फोन पर उनसे बातचीत की और चाय पर आने का निमंत्रण दिया।

रोल्स रॉयस और बदलते रास्ते

इस अचानक मिले न्योते से ऋषि कपूर थोड़े हैरान जरूर हुए, लेकिन आखिरकार दाऊद से मिलने के लिए राजी हो गए। उन्हें एक अनजान जगह पर ले जाया गया, जहां दाऊद ने खुद उनका स्वागत किया। अभिनेता ने याद करते हुए लिखा कि उन्हें एक चमचमाती रोल्स रॉयस में बिठाया गया और ड्राइवर जानबूझकर रास्ते बदल-बदल कर ले जा रहा था, ताकि वे उस ठिकाने तक पहुंचने का मार्ग याद न रख पाएं।

चार घंटे तक चली चाय पर चर्चा

अभिनेता के अनुसार यह मुलाकात करीब चार घंटे से भी अधिक समय तक चली, जिसमें दोनों ने साथ बैठकर चाय पी। दाऊद ने खुद उनकी आवभगत की और चाय-बिस्कुट परोसे। ऋषि कपूर ने किताब में यह भी लिखा कि उस पूरी मुलाकात के दौरान न तो दाऊद ने खुद शराब पी और न ही उन्हें इसके लिए कहा।

'पैसे चाहिए हों तो बेझिझक मांग लेना'

मुलाकात के माहौल को याद करते हुए ऋषि कपूर ने लिखा कि दाऊद बेहद दोस्ताना अंदाज में पेश आ रहा था। उसने गर्मजोशी से कहा, 'अगर जिंदगी में कभी भी किसी चीज की जरूरत पड़े, पैसे चाहिए हों या कुछ और, तो बिल्कुल बेझिझक मुझसे मांग लेना।' अभिनेता के मुताबिक दाऊद उन्हें डराने के बजाय अपनी मेहमाननवाजी दिखाने को लेकर ज्यादा उत्सुक नजर आ रहा था।

1989 में जूते की दुकान पर इत्तेफाकन भेंट

साल 1989 में दोनों की दोबारा मुलाकात हुई, लेकिन इस बार यह कोई सोची-समझी योजना नहीं, बल्कि महज एक संयोग था। ऋषि कपूर अपनी पत्नी नीतू कपूर के साथ दुबई की एक दुकान में जूते खरीद रहे थे, तभी दाऊद अपने करीब आठ-दस बॉडीगार्ड्स के साथ वहां पहुंच गया। उसने ऋषि कपूर को तुरंत पहचान लिया और दोस्ताना अंदाज में बातचीत करने लगा।

ठुकरा दिया भुगतान का प्रस्ताव

इस दूसरी मुलाकात में दाऊद ने ऋषि कपूर से कहा कि वे दुकान से जो चाहें खरीद लें, पूरा भुगतान वह खुद करेगा। हालांकि अभिनेता ने बड़ी शालीनता से इस पेशकश को ठुकरा दिया। बातचीत के दौरान दाऊद ने दावा किया कि उसे भारत में कभी इंसाफ नहीं मिलेगा। जैसे ही उसने राजनीति और नेताओं पर अपने प्रभाव की बातें छेड़ीं, ऋषि कपूर ने तुरंत हाथ खड़े करते हुए कहा, 'यार, मुझे इन सब बातों से दूर ही रखो, मैं तो सिर्फ एक एक्टर हूं।'

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