भारत में बनी Kia Sonet को ग्लोबल NCAP में सिर्फ 1-स्टार, क्रैश टेस्ट में सेफ्टी की कमजोरियां उजागर

दक्षिण अफ्रीका के लिए निर्यात होने वाली भारत-निर्मित Kia Sonet को ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में वयस्क यात्री सुरक्षा के लिए महज 1-स्टार रेटिंग मिली है। हालांकि भारत में बिकने वाला वेरिएंट 6 एयरबैग्स और कई एडवांस्ड फीचर्स के साथ काफी अधिक सुरक्षित है।

भारत में तैयार होकर दक्षिण अफ्रीकी बाजार के लिए निर्यात की जाने वाली Kia Sonet एसयूवी हाल ही में चर्चा में आ गई है। इस मॉडल को ग्लोबल NCAP के Safer Cars for Africa कार्यक्रम के तहत क्रैश टेस्ट से गुजारा गया, जहां इसे वयस्क यात्री सुरक्षा के लिए केवल 1 स्टार रेटिंग मिली। चूंकि यह वाहन भारत में निर्मित होता है, इसलिए यह नतीजा ऑटोमोबाइल जगत में खास चर्चा का विषय बन गया है।

टेस्ट में किस वेरिएंट को परखा गया

जिस वेरिएंट को परीक्षण के लिए चुना गया, उसमें स्टैंडर्ड के तौर पर सिर्फ डुअल फ्रंटल एयरबैग्स (Dual Airbags) मौजूद थे। साइड चेस्ट एयरबैग्स, साइड कर्टेन एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) जैसे आधुनिक सुरक्षा फीचर्स या तो उपलब्ध नहीं थे या फिर वैकल्पिक रूप में दिए गए थे।

क्रैश टेस्ट में क्या सामने आया

रिपोर्ट के अनुसार वाहन को एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 34 में से 21.29 पॉइंट्स और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 49 में से 28.57 पॉइंट्स हासिल हुए। परीक्षण के दौरान वाहन की बॉडी शेल की स्थिरता अनस्टेबल पाई गई, जिसके चलते सिर, पेट और पेल्विस क्षेत्र में चोट का जोखिम अधिक देखा गया।

सीटबेल्ट प्रीटेंशनर्स और लोड लिमिटर्स लगे होने के बावजूद चेस्ट प्रोटेक्शन कमजोर रहा। वहीं बच्चों की सुरक्षा का स्तर भी औसत से नीचे दर्ज किया गया।

भारतीय वेरिएंट से तुलना

भारत में बेची जा रही Kia Sonet के सभी वेरिएंट्स में अब 6 एयरबैग्स स्टैंडर्ड रूप से दिए जाते हैं। इसके अलावा ESC, व्हीकल स्टेबिलिटी मैनेजमेंट (VSM), हिल असिस्ट कंट्रोल (HAC) समेत कई अन्य उन्नत सुरक्षा प्रणालियां भी मौजूद हैं। कंपनी का दावा है कि भारतीय बाजार के लिए बनाया गया वेरिएंट दक्षिण अफ्रीकी मॉडल की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित है।

किआ मोटर्स ने अपने बयान में कहा है कि दक्षिण अफ्रीकी बाजार की जरूरतों और लागत को ध्यान में रखकर वहां सेफ्टी फीचर्स सीमित रखे गए थे, जबकि भारत जैसे बाजारों में ग्राहक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

Safer Cars for Africa पहल की अहमियत

यह परीक्षण Safer Cars for Africa अभियान के अंतर्गत हुआ, जिसका उद्देश्य अफ्रीकी देशों में किफायती कारों के सुरक्षा स्तर को बेहतर बनाना है। ग्लोबल NCAP का कहना है कि कई वाहन निर्माता विकासशील बाजारों में सिर्फ बुनियादी सुरक्षा फीचर्स तक सीमित रहकर लागत घटाते हैं, जो यात्रियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

ऑटो विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात बाजारों के लिए अलग स्पेसिफिकेशन रखना आम बात है, मगर इसका असर ब्रांड की साख पर पड़ सकता है। भारतीय ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि घरेलू वेरिएंट अधिक सुरक्षित है, फिर भी एक्सपोर्ट मॉडल्स की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत बनी हुई है।

भारत में किआ सोनेट की स्थिति

कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में किआ सोनेट भारतीय बाजार में काफी लोकप्रिय है। यह टर्बो पेट्रोल, डीजल और हाइब्रिड विकल्पों के साथ उपलब्ध है। कंपनी ने हाल ही में पेश किए गए फेसलिफ्ट मॉडल में कई अपडेट दिए हैं, जिनमें सुरक्षा से जुड़े फीचर्स को और मजबूत किया गया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत मात्र ₹8 लाख से शुरू होती है।

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