चीन में एक व्यक्ति लगातार 7 दिन तक खुले समुद्र में फंसा रहा और इस दौरान खुद को जिंदा रखने के लिए उसे करीब 80 कच्चे केकड़े खाने पड़े। लहरों में बहने के सात दिन बाद दो मछुआरों ने उसे सुरक्षित निकाला। तेज धूप और समुद्री नमक के असर से उसके शरीर पर गहरे घाव बन चुके थे, जिनमें मवाद भर गया था। मौत के बेहद करीब पहुंच चुका यह व्यक्ति आखिरकार जिंदगी की जंग जीतने में कामयाब रहा।
कैसे हुआ हादसा
चीन के गुआंग्शी प्रांत के रहने वाले क्विन 27 मई को हैनान द्वीप के एक समुद्र तट पर टहल रहे थे। तभी अचानक उठीं ऊंची लहरें उन्हें बहाकर गहरे पानी में ले गईं। मुश्किल यह थी कि क्विन को तैरना नहीं आता था और उनके पास किसी तरह का कोई सुरक्षा उपकरण भी मौजूद नहीं था।
पानी में बहते समय उनका मोबाइल फोन भी कहीं खो गया, जिसके चलते वे किसी से मदद के लिए संपर्क तक नहीं कर सके।
जान बचाने की जद्दोजहद
समुद्र में खुद को हल्का रखने और डूबने से बचने के लिए क्विन ने तैरते-तैरते अपनी पतलून, जूते, घड़ी और अंगूठी तक उतार दी। हादसे के अगले यानी दूसरे दिन उन्हें पानी में तैरता हुआ एक बोया दिखाई दिया। वे किसी तरह उस पर चढ़ने में कामयाब रहे और इस तरह खुद को संभाले रखा।
मदद की उम्मीद और भूख का संकट
तीसरे दिन क्विन को अंदाजा हुआ कि वे कियोंगझोउ स्ट्रेट में बह रहे हैं, क्योंकि उस इलाके से कई नावें और फेरियां गुजर रही थीं। उन्होंने मदद मांगने के लिए हाथ हिलाए, लेकिन दुर्भाग्य से किसी भी नाव सवार की नजर उन पर नहीं पड़ी।
इसके बाद के दो दिन उनके लिए सबसे भयावह साबित हुए। भूख से बेहाल होकर उन्होंने अपने आसपास मौजूद करीब 80 छोटे कच्चे केकड़े पकड़कर खा लिए। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी दौरान उन्हें अजीब-अजीब चीजें दिखाई देने लगीं और वे हैलोसिनेशन के शिकार हो गए।
मछुआरों ने बेहोशी की हालत में बचाया
सातवें दिन चेंगमाई काउंटी के दो मछुआरों, झेंग शिझोंग और फू टिंगसान, की नजर उन पर पड़ी। उस समय क्विन पूरी तरह बेसुध हो चुके थे। मछुआरों ने उन्हें हौसला दिया, उनके शरीर को साफ कर सूखे कपड़े पहनाए और लगातार बातचीत करते रहे ताकि वे होश न खो बैठें।
अस्पताल में इलाज और हालत में सुधार
किनारे पहुंचते ही मछुआरों ने क्विन को अस्पताल पहुंचाया। धूप और नमक के कारण उनके शरीर पर बने गहरे घावों में मवाद भर चुका था और वे गंभीर रूप से डिहाइड्रेशन का शिकार थे।
डॉक्टरों के अनुसार, कच्चे केकड़े खाने से उनके पाचन तंत्र में गंभीर सूजन आ गई थी, लेकिन अगर वे केकड़े नहीं खाते तो संभवतः भूख से उनकी जान चली जाती। फिलहाल आईसीयू में रहने के बाद क्विन अब खतरे से बाहर हैं और सामान्य वार्ड में स्वस्थ हो रहे हैं।
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