पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच जारी टकराव का असर अब समुद्री रास्तों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। इसी खींचतान के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का एक युवक करीब तीन महीने तक समुद्र में मौत के साये के बीच फंसा रहा। मर्चेंट नेवी में काम करने वाले रुद्रांश चौबे हाल ही में सुरक्षित अपने घर लौटे हैं। उनकी जुबानी सुनाई गई यह आपबीती सुनकर परिवार और आसपास के लोग भी सन्न रह गए।
दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग में फंसा जहाज
रायपुर निवासी रुद्रांश चौबे मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं और अपने 22 क्रू मेंबर्स के साथ एक व्यापारी जहाज पर तैनात थे। यह जहाज दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में गिने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में फंस गया था। यह इलाका लंबे समय से भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव की वजह से इस क्षेत्र में समुद्री गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं और कई जहाजों की आवाजाही पर भी रोक लग गई।
सिर के ऊपर से गुजरती रहीं मिसाइलें और ड्रोन
रुद्रांश ने बताया कि जिस दौरान वे अपने 22 क्रू मेंबर्स के साथ समुद्री यात्रा पर थे, उसी समय पश्चिम एशिया में तनाव बेहद बढ़ गया। उनके मुताबिक जहाज के ऊपर से लगातार मिसाइलें और ड्रोन गुजरते दिखाई देते थे, जिसके चलते हर वक्त डर और अनिश्चितता का माहौल बना रहता था।
कतर से यूरिया लेकर भारत आ रहा था जहाज
रुद्रांश चौबे के अनुसार उनका जहाज कतर से 32 हजार मीट्रिक टन यूरिया लेकर भारत आ रहा था, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में हालात बिगड़ने के कारण यह वहीं फंस गया। करीब तीन महीने बाद जब स्थिति सामान्य हुई, तब जहाज को वहां से निकलने की अनुमति मिली और इसके बाद रुद्रांश सुरक्षित भारत लौट सके।
घर लौटने पर परिवार ने ली राहत की सांस
रुद्रांश के सकुशल घर पहुंचने पर परिवार ने राहत की सांस ली और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। महीनों की चिंता और बेचैनी के बाद अपने बेटे को सही-सलामत देखकर परिजनों की आंखें भर आईं।
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