लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाला प्रकरण में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विजिलेंस टीम ने इस मामले में पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। टीम ने उन्हें एक मॉल से हिरासत में लिया और इसके बाद मेडिकल जांच के लिए उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया।
वित्तीय अनियमितताओं के घेरे में पूर्व विधायक
मुकेश श्रीवास्तव पर साल 2014 से 2019 के बीच वित्तीय अनियमितताएं बरतने का आरोप है। उन पर बिना काम कराए या आंशिक काम कराकर पूरा भुगतान हासिल करने का मामला दर्ज है। इस घोटाले में तत्कालीन सीएमओ सहित कई अधिकारी और कर्मचारी भी आरोपी की सूची में शामिल हैं।
जांच में सामने आईं कई गंभीर गड़बड़ियां
बलरामपुर में मिली शिकायतों के बाद साल 2021 में विजिलेंस टीम को जांच का आदेश सौंपा गया था। पड़ताल के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं उजागर होने पर एफआईआर दर्ज की गई। शासन से अनुमति मिलने के बाद विजिलेंस ने बलरामपुर में इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया।
पयागपुर सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं श्रीवास्तव
विजिलेंस टीम की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि एनआरएचएम घोटाले के मुख्य अभियुक्त और सरगना मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, जो बहराइच की पयागपुर सीट से पूर्व विधायक रहे हैं, को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया गया है। जांच में यह पाया गया कि अपने विधायकी कार्यकाल 2012 से 2017 के दौरान उन्होंने अपनी आय के वैध और ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की।
श्रावस्ती, बलरामपुर और गोंडा में गड़बड़ी के आरोप
आरोपी मुकेश श्रीवास्तव के खिलाफ तीन अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं, जिनमें गहन पूछताछ की जा रही है और सबूत जुटाए जा रहे हैं। उन पर वित्तीय वर्ष 2017-18 से लेकर वर्ष 2021-22 के बीच श्रावस्ती और बलरामपुर में एनआरएचएम घोटाले से जुड़े मामले में व्यापक अनियमितता बरतने के आरोप मिले हैं। इसके साथ ही गोंडा में भी एनआरएचएम घोटाले से संबंधित मामले में उन पर व्यापक अनियमितता के आरोप हैं। इन तीनों आरोपों को लेकर अलग-अलग तीन केस दर्ज किए गए हैं।
https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/nrhm-scam-case-former-mla-mukesh-srivastav-arrest-balrampur-cmo-complain-2026-06-10-1224254