मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द ही रहेगा, चुनाव आयोग ने कांग्रेस की याचिका ठुकराई, बचा सिर्फ एक रास्ता

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का रद्द हुआ नामांकन बहाल नहीं होगा। चुनाव आयोग ने कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी है, अब पार्टी के पास सिर्फ सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प बचा है।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही रस्साकशी थमने का नाम नहीं ले रही। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के मामले में अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग ने भी कांग्रेस की दलीलों को नहीं माना और पार्टी की याचिका को खारिज कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि मीनाक्षी का नामांकन रद्द ही बना रहेगा और अब उनके पास सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया था, जिसके जवाब में बीजेपी ने उनके मुकाबले महेश केवट को मैदान में उतारा। इस सीट के लिए 18 जून को मतदान होना था, लेकिन उससे पहले ही भोपाल में रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी का नामांकन निरस्त कर दिया।

चुनाव आयोग से भी कांग्रेस को नहीं मिली राहत

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म पर बीजेपी ने आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद भोपाल में मौजूद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द कर दिया। इस फैसले से नाराज कांग्रेस ने देर रात तक चुनाव आयोग के कार्यालय को घेरे रखा और अगले दिन धरना भी दिया। इसके बाद पार्टी नेताओं ने आयोग से मुलाकात का समय मांगा और अपनी पूरी बात रखी।

हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया है। ऐसे में मीनाक्षी का नामांकन रद्द ही रहेगा और पार्टी के सामने अब केवल सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता शेष है।

आयोग पहुंचा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल

कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को चुनाव आयोग से मिला, जिसमें केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल और रणदीप सुरजेवाला जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इन नेताओं ने नामांकन रद्द किए जाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई।

कांग्रेस नेताओं ने आयोग से मुलाकात में दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पूरी तरह नियमों के अनुरूप था और उसे रद्द किया जाना पूरी तरह गलत है। पार्टी ने आयोग से इस फैसले की समीक्षा करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली।

बीजेपी का आरोप: छिपाया आपराधिक मामला

बीजेपी ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म पर आपत्ति लेते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने तेलंगाना में लंबित एक आपराधिक मामले की जानकारी अपने फॉर्म में नहीं दी, जबकि उन्हें कोर्ट से समन तक मिल चुका था। इसी आपत्ति के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों के नेता भोपाल में विधानसभा स्थित रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर पहुंचे। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन रद्द करने का फैसला सुनाया।

महेश केवट का राज्यसभा पहुंचना तय

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस ने इस सीट के लिए कोई डमी कैंडिडेट खड़ा नहीं किया है। महेश केवट फिलहाल मध्य प्रदेश में मत्स्य कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं और लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं।

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