दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल महाकुंभ की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. फीफा विश्व कप 2026 का आगाज 12 जून से होने जा रहा है, जिसकी मेजबानी संयुक्त रूप से अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा कर रहे हैं. इस बार टूर्नामेंट में कुल 48 टीमें शिरकत कर रही हैं. आयोजन को निर्बाध और सुरक्षित बनाने के लिए चौतरफा कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं, जिनमें खास तौर पर अमेरिका में ड्रोन तकनीक का सहारा लिया जाएगा.
स्टेडियम के ऊपर ड्रोन पर शून्य सहिष्णुता
स्टेडियम के ऊपर मंडराते ड्रोन की आवाज भले ही दर्शकों के लिए परेशानी का कारण बने, मगर कानून प्रवर्तन एजेंसियां लंबे समय से इन उड़ने वाले उपकरणों को बड़े पैमाने पर तबाही फैलाने वाले हथियार की तरह देखती आई हैं. विश्व कप की शुरुआत नजदीक आते ही सुरक्षा को और सख्त कर दिया गया है. 11 अमेरिकी शहरों में खेले जाने वाले 78 मुकाबलों के दौरान स्टेडियम के ऊपर या उसके आसपास ड्रोन उड़ाने को लेकर शून्य सहिष्णुता की नीति लागू रहेगी.
अधिकारियों ने सुपर बाउल और दूसरे बड़े आयोजनों में इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन रोधी उपायों का दायरा बढ़ा दिया है. वहीं, कांग्रेस ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ड्रोन को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से निष्क्रिय करने या उन्हें मार गिराने के लिए ज्यादा अधिकार सौंपे हैं.
'ड्रोन का खतरा रात की नींद उड़ा देता है'
न्यूयॉर्क पुलिस विभाग की आयुक्त जेसिका टिश ने इस आशंका को बेहद गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध ड्रोन प्रौद्योगिकी के लिए एक परीक्षण मैदान बन चुका है.
अगर कोई एक खतरा है जो मुझे रात में सोने नहीं देता, तो वह ड्रोन का ही है.
नियम तोड़ने पर एक लाख डॉलर का जुर्माना
कांग्रेस ने बीते दिसंबर में राज्य और स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को किसी खतरनाक ड्रोन को नियंत्रित करने और जरूरत पड़ने पर उसे मार गिराने की हरी झंडी दी है. हालांकि एजेंसियों के लिए पहला विकल्प ड्रोन को इलेक्ट्रॉनिक रूप से निष्क्रिय करना और उसे सुरक्षित ढंग से जमीन पर उतारना ही रहेगा. प्रमुख संघीय एजेंसियों के पास यह अधिकार पहले से मौजूद था.
संघीय विमानन प्रशासन विश्व कप मुकाबलों और प्रशंसकों से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान भीड़भाड़ वाले स्टेडियमों के ऊपर और आसपास के वायुक्षेत्र पर पाबंदी लगा देगा. इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर एक लाख डॉलर तक का जुर्माना ठोका जा सकता है और उनके ड्रोन जब्त किए जा सकते हैं.
किसी मैच के आयोजन स्थल के तीन मील के दायरे में ड्रोन उड़ाने पर आपराधिक आरोप भी दर्ज हो सकते हैं. हालांकि अधिकारियों का मानना है कि यह सजा शायद किसी दृढ़ इरादे वाले आतंकवादी को रोकने में नाकाम रह सकती है.
एफबीआई का बड़ा निवेश
एफबीआई ने पिछले सात वर्षों में ड्रोन से निपटने की अपनी क्षमता को मजबूत करने में अहम निवेश किया है. इसमें ड्रोन को तेजी से पहचानने और उन पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरी तकनीक शामिल है. अधिकारी बड़ी प्रतियोगिताओं और आयोजनों में पहले से ही इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं.
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