पश्चिम बर्धमान में राजनीतिक उठापटक अब बड़े नेताओं तक सीमित न रहकर पंचायत स्तर तक पहुंच गई है। पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र की तृणमूल कांग्रेस संचालित वैद्यनाथपुर ग्राम पंचायत में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां पंचायत प्रधान अक्षय बाउड़ी समेत 12 सदस्यों ने मंगलवार को एक साथ अपना इस्तीफा पांडवेश्वर के ब्लॉक विकास अधिकारी को सौंप दिया।
सत्ता परिवर्तन के बाद उजागर हुए कथित भ्रष्टाचार
इस्तीफा सौंपने के बाद प्रधान और बाकी सदस्यों ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल सरकार के कार्यकाल से जुड़े कई कथित भ्रष्टाचार के मामले अब खुलकर सामने आ रहे हैं। उनका कहना है कि सत्ता बदलने के बाद एक के बाद एक कई अनियमितताओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंची है। सदस्यों के अनुसार, यदि इन घटनाओं की जानकारी उन्हें पहले मिल गई होती तो वे बहुत पहले ही पार्टी से किनारा कर लेते।
नेता के परिसर से राहत सामग्री मिलने पर खड़ा हुआ विवाद
इस्तीफा देने वाले प्रतिनिधियों ने दावा किया कि 5 जून को विभिन्न समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए यह खबर सामने आई कि पूर्व विधायक और तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती की निगरानी वाले एक परिसर से बड़ी मात्रा में राहत सामग्री तथा अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ। इन खबरों के बाद वे असहज स्थिति में आ गए थे।
तिरपाल को लेकर भी उठे सवाल
सदस्यों का कहना है कि आम लोगों के बीच पहुंचने पर उन्हें लगातार तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर यह पूछा जा रहा है कि जब जरूरतमंद और आपदा प्रभावित लोगों तक राहत के लिए तिरपाल नहीं पहुंच पा रहे थे, तो कथित रूप से हजारों तिरपाल एक ही स्थान पर कैसे जमा हो गए।
प्रधान और सदस्यों ने बताई इस्तीफे की वजह
इस्तीफा देने वालों के मुताबिक, मौजूदा हालात में जनप्रतिनिधि के रूप में काम करते रहना उनके लिए संभव नहीं रह गया था। इसी वजह से उन्होंने प्रधान और पंचायत सदस्य पद से हट जाने का फैसला लिया। फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जबकि राजनीतिक हलकों में इस सामूहिक इस्तीफे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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