बदल रहा है खेती का स्वरूप
समय के साथ खेती-किसानी का चेहरा तेजी से बदल रहा है। एक दौर था जब किसान सिर्फ धान, गेहूं और सरसों जैसी पारंपरिक फसलों पर ही निर्भर रहते थे, लेकिन आज हालात अलग हैं। अब आधुनिक तकनीक और सही प्रशिक्षण के सहारे किसान नई-नई फसलों की ओर रुख कर रहे हैं और बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं।
कम जमीन में ज्यादा मुनाफे का रास्ता
इस बदलाव ने किसानों की आमदनी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। कृषि विज्ञान केंद्र जैसे संस्थानों से प्रशिक्षण लेकर अनेक किसान अब तकनीकी खेती को अपना रहे हैं। यही वजह है कि सीमित जमीन में भी वे पहले से कहीं ज्यादा कमाई कर पा रहे हैं।
चौथी पास किसान की मिसाल
ऐसी ही एक मिसाल पेश की है एक किसान ने, जिन्होंने सिर्फ चौथी कक्षा तक पढ़ाई की है। उन्होंने पारंपरिक फसलों की राह छोड़कर महज 4 कट्ठा जमीन में जरबेरा फूल की खेती शुरू की। आज इसी फूल की खेती से वे सालाना 4 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं।
परिवार के जीवन स्तर में सुधार
इस आमदनी ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनके पूरे परिवार के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाया है। खेती से हुई इसी तरक्की के बीच उनका बेटा रेलवे में नौकरी कर रहा है। यह कहानी बताती है कि सही सोच और आधुनिक तकनीक के साथ कम पढ़ा-लिखा किसान भी बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।
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