छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरंडा थाना क्षेत्र में सोमवार रात धर्मांतरण के आरोपों ने उग्र रूप ले लिया। पहले दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। इस टकराव में कई ग्रामीण घायल हो गए, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लेकर इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया।
प्रेस लिखी गाड़ी में पहुंचे थे लोग
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि एक प्रेस लिखी गाड़ी में कुछ लोग गांव पहुंचे थे, जिनमें एक पास्टर के साथ 2-3 अन्य लोग भी मौजूद थे। ग्रामीणों के मुताबिक ये लोग आदिवासी समुदाय के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। जैसे ही इसकी भनक गांव वालों को लगी, इलाके में आक्रोश फैल गया और लोग मौके पर इकट्ठा होने लगे।
कहासुनी से शुरू हुई मारपीट
हालात उस वक्त और बिगड़ गए जब गांव के एक घर में कथित धार्मिक गतिविधियों को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट में तब्दील हो गई। इस झड़प में एक महिला समेत 2-3 लोग घायल हुए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में किया।
घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बढ़ते तनाव को देखते हुए गांव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सड़क पर बैठकर ग्रामीणों का प्रदर्शन
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि प्रेस लिखी गाड़ी के दुरुपयोग से पत्रकारिता की छवि पर गलत असर पड़ रहा है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के लोगों से पूछताछ की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
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