गर्मी में सरयू नदी का किनारा बना बागेश्वर के लोगों की पसंद, ठंडी हवाओं और शांत माहौल का सुकून

उत्तराखंड के बागेश्वर में सरमूल से निकलने वाली सरयू नदी का किनारा गर्मी के मौसम में स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए राहत और सुकून का प्रमुख ठिकाना बन गया है। ठंडी हवाएं, शांत बहाव और प्राकृतिक सौंदर्य लोगों को घंटों यहां रुकने पर मजबूर कर देते हैं।

उत्तराखंड के बागेश्वर की जीवनरेखा कही जाने वाली सरयू नदी इन दिनों भीषण गर्मी के बीच स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए राहत का बड़ा सहारा बनी हुई है। अपनी धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक खूबियों के लिए मशहूर यह नदी न सिर्फ लोगों को मानसिक सुकून देती है, बल्कि इलाके के मौसम को संतुलित बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती है।

सरमूल से उद्गम, संगम पर पवित्र मान्यता

सरयू नदी का उद्गम बागेश्वर के सरमूल नामक स्थान से होता है और यह जिले के कई हिस्सों से होकर बहती है। नगर में सरयू, गोमती और सरस्वती नदी का संगम होता है, जिसे बेहद पवित्र माना जाता है। इसी मान्यता के चलते यहां वर्षभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आना-जाना बना रहता है।

किनारे पर शाम के समय जुटती है भीड़

स्थानीय जानकार और पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश सोनी ने लोकल 18 को बताया कि गर्मियों के मौसम में जब मैदानी इलाकों में तापमान लगातार चढ़ रहा होता है, तब सरयू नदी के किनारे का वातावरण लोगों को खास राहत देता है। नदी से आने वाली ठंडी हवाएं पूरे क्षेत्र को शीतल बनाए रखती हैं।

शाम के वक्त बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक नदी के किनारे पहुंचकर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हैं। कई लोग नदी के ठंडे पानी में स्नान कर गर्मी से राहत महसूस करते हैं।

नगरपालिका ने की बैठने की बेहतर व्यवस्था

नगरपालिका की ओर से नदी किनारे बैठने के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह बेंच लगाई गई हैं, जहां बैठकर लोग नदी के सुंदर दृश्यों को निहार सकते हैं। नदी के शांत बहाव और आसपास के प्राकृतिक माहौल से लोगों को मानसिक शांति भी मिलती है, यही वजह है कि यहां आने वाले पर्यटक घंटों किनारे पर समय बिताना पसंद करते हैं।

पश्चिम बंगाल से आते हैं सबसे ज्यादा सैलानी

बागेश्वर पहुंचने वाले पर्यटकों में पश्चिम बंगाल से आने वालों की संख्या काफी अधिक रहती है। गर्मियों के दौरान कई सैलानी पहाड़ों की ठंडी आबोहवा और सरयू नदी की खूबसूरती का अनुभव करने यहां आते हैं। पर्यटक केवल नदी की ठंडी हवाओं का ही लुत्फ नहीं उठाते, बल्कि बागेश्वर के धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक सौंदर्य को भी करीब से देखते हैं।

बरसात में बढ़ जाता है नदी का जलस्तर

नदियां क्षेत्रीय जलवायु को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। सरयू नदी भी आसपास के वातावरण में नमी बनाए रखने और तापमान नियंत्रित करने में मदद करती है। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ जाता है, जबकि गर्मियों में इसका प्रवाह सामान्य बना रहता है, जिससे लोगों को किनारे पर सुरक्षित रूप से समय बिताने का मौका मिलता है।

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