आर्टेमिस-3 के लिए नासा ने चुने चार चंद्र यात्री, ये टीम लिखेगी अंतरिक्ष यात्रा का नया अध्याय

नासा ने अपने आर्टेमिस-3 चंद्र मिशन के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों के नामों का ऐलान कर दिया है। करीब दो सप्ताह चलने वाला यह मिशन चंद्रमा पर मानव की स्थायी मौजूदगी और भविष्य के मंगल अभियानों की नींव रखेगा।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने बहुप्रतीक्षित आर्टेमिस-3 मिशन के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों की टीम का खुलासा कर दिया है। इसे चंद्रमा पर भविष्य के मानव अभियानों और वहां लंबे समय तक टिके रहने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। इस मिशन के जरिये एजेंसी उन तकनीकों और प्रक्रियाओं को परखेगी, जो आगे चलकर चंद्रमा और मंगल ग्रह तक पहुंचने वाले अभियानों का आधार बनेंगी।

नासा के मुताबिक मिशन की कमान अनुभवी अंतरिक्ष यात्री रैंडी ब्रेसनिक के हाथों में होगी, जबकि पायलट की जिम्मेदारी लूका परमितानो को सौंपी गई है। फ्रैंक रुबियो और आंद्रे डगलस इस अभियान में मिशन स्पेशलिस्ट के रूप में शामिल रहेंगे।

कौन हैं आर्टेमिस-3 के चार चंद्र यात्री

मिशन कमांडर रैंडी ब्रेसनिक पूर्व मरीन कॉर्प्स पायलट रह चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर उन्हें लंबा अनुभव हासिल है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी से जुड़े अंतरिक्ष यात्री लूका परमितानो अब तक 350 दिनों से अधिक समय अंतरिक्ष में बिता चुके हैं और ISS के कमांडर की भूमिका भी निभा चुके हैं।

फ्रैंक रुबियो उस वक्त सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने किसी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री द्वारा की गई सबसे लंबी एकल अंतरिक्ष यात्रा का रिकॉर्ड अपने नाम किया। वहीं आंद्रे डगलस नासा के 2021 बैच के अंतरिक्ष यात्री हैं और इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स तथा ग्रहों की खोज से जुड़े उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें इस टीम में जगह दी गई है।

क्या है आर्टेमिस-3 मिशन

आर्टेमिस-3 नासा के महत्वाकांक्षी आर्टेमिस कार्यक्रम का तीसरा मिशन है। इस कार्यक्रम का मकसद चंद्रमा पर इंसानों की स्थायी मौजूदगी कायम करना और आने वाले मंगल अभियानों के लिए जरूरी तकनीकें विकसित करना है। यह मिशन करीब दो सप्ताह तक चलने की उम्मीद है।

मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की कक्षा में अहम मिलन स्थल और डॉकिंग प्रक्रियाओं का परीक्षण करेंगे। इसके लिए नासा अपने ओरायन अंतरिक्ष यान का उपयोग करेगा।

स्पेसएक्स और ब्लू ऑरिजन की भूमिका

इस मिशन की सबसे खास बात निजी अंतरिक्ष कंपनियों की हिस्सेदारी है। स्पेसएक्स अपने स्टारशिप ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम के माध्यम से चंद्र अभियानों से जुड़ी तकनीकों को परखेगा। दूसरी ओर ब्लू ऑरिजन का ब्लू मून लैंडर भी ओरायन के साथ होने वाले डॉकिंग परीक्षणों का हिस्सा बनेगा।

नासा की दीर्घकालिक रणनीति की धुरी

नासा का मानना है कि आर्टेमिस-3 से जुटाया गया डेटा भविष्य के आर्टेमिस-4 और अन्य चंद्र अभियानों के लिए बेहद कीमती साबित होगा। एजेंसी का लक्ष्य केवल चंद्रमा पर दोबारा इंसान भेजना नहीं, बल्कि वहां लंबे समय तक रुकने और आगे मंगल ग्रह तक पहुंचने की तैयारी करना है।

विशेषज्ञों के अनुसार आर्टेमिस-3 नासा की उस लंबी रणनीति का केंद्रीय हिस्सा है, जिसके तहत चंद्रमा को भविष्य के गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लॉन्चपैड के रूप में तैयार किया जाएगा। यह मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए दौर की शुरुआत बन सकता है।

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