अमेरिकी बाजार में भारतीय आमों की धूम, सिएटल के ‘मैंगो मैजिक’ में दो घंटे में बिक गए केसर आम

सिएटल में आयोजित ‘मैंगो मैजिक’ कार्यक्रम में अल्फांसो, केसर समेत सात प्रीमियम भारतीय आम किस्मों का प्रदर्शन हुआ। मई 2026 में कॉस्टको स्टोर्स पहुंचे केसर आम महज दो घंटे में बिक गए, जिससे अमेरिका में भारतीय आमों की बढ़ती मांग साफ झलकती है।

भारत के आम अब अमेरिकी बाजार में अपनी खास पहचान बनाने लगे हैं। अमेरिका के पैसिफिक नॉर्थवेस्ट क्षेत्र में इन आमों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए सिएटल में ‘मैंगो मैजिक: प्रमोशन एंड टेस्टिंग इवेंट’ का दूसरा संस्करण आयोजित किया गया। इस आयोजन में भारत की कई मशहूर आम किस्मों को सामने रखा गया और अमेरिकी कारोबारियों तथा उपभोक्ताओं को उनका स्वाद चखाया गया।

कार्यक्रम में दिखीं सात प्रीमियम किस्में

कार्यक्रम में करीब 100 से अधिक प्रमुख फल आयातकों ने हिस्सा लिया। अमेरिका की बड़ी रिटेल कंपनी कॉस्टको के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। यहां महाराष्ट्र के अल्फांसो और केसर, आंध्र प्रदेश के बंगनपल्ली और हिमायत, उत्तर प्रदेश के दशहरी और लंगड़ा तथा गुजरात के राजापुरी आमों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इस तरह कुल सात प्रीमियम भारतीय आम किस्में आकर्षण का केंद्र रहीं।

अमेरिकी जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत

आयोजन में वॉशिंगटन राज्य के लेफ्टिनेंट गवर्नर डेनी हेक ने भारतीय आमों की विभिन्न किस्मों के अमेरिका पहुंचने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन राज्य के उपभोक्ताओं को अब भारतीय आमों के अनूठे स्वाद का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।

इस मौके पर वॉशिंगटन राज्य की सीनेटर टीना ऑरवेल, मनका धिंगरा और वंदना स्लैटर के अलावा जापान और उज्बेकिस्तान के कॉन्सुल जनरल भी उपस्थित रहे और भारतीय आमों का स्वाद लिया।

कैसे पहुंचे आम कॉस्टको तक

भारतीय वाणिज्य दूतावास ने वर्ष 2025 में पहली बार सिएटल में भारतीय आमों को बढ़ावा देने की पहल शुरू की थी। इसके लिए भारत और अमेरिका के विभिन्न साझेदारों के साथ मिलकर काम किया गया, ताकि भारतीय आमों को कॉस्टको जैसे बड़े रिटेल स्टोर्स तक पहुंचाया जा सके।

अप्रैल 2026 में कॉस्टको के सीईओ के साथ हुई बैठक के बाद इस कोशिश को और रफ्तार मिली। इसके बाद महाराष्ट्र के ‘भगवा’ अनार कॉस्टको स्टोर्स तक पहुंचाए गए और फिर मई 2026 में केसर आमों की बिक्री शुरू हुई।

दो घंटे में बिक गए केसर आम

भारतीय आमों की मांग का अंदाजा इसी बात से लगता है कि मई 2026 के तीसरे सप्ताह में कॉस्टको ने पहली बार भारतीय केसर आमों की खेप अमेरिका के कई शहरों में मंगाई। इनमें सिएटल, न्यू जर्सी, लास वेगास और लॉस एंजिलिस क्षेत्र के स्टोर शामिल थे।

कॉस्टको के अधिकारियों के मुताबिक, स्टोर्स में पहुंचने के महज दो घंटे के भीतर सभी भारतीय आम बिक गए। यह आंकड़ा अमेरिकी बाजार में भारतीय आमों की जबरदस्त मांग की ओर इशारा करता है।

उत्पादन और निर्यात के आंकड़े

भारत दुनिया में आम का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यहां हर साल 2.6 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक आम का उत्पादन होता है और 1,000 से ज्यादा किस्में पाई जाती हैं।

अमेरिका में भारतीय आमों का निर्यात 2007 में 18 साल के प्रतिबंध के बाद दोबारा शुरू हुआ था और इसके बाद यह लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 में अमेरिका को भारतीय आमों के निर्यात का मूल्य 1 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 130 प्रतिशत अधिक रहा।

‘मन की बात’ में भी जिक्र

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भारतीय आमों की विविधता का उल्लेख किया था। उन्होंने अल्फांसो, केसर, दशहरी, लंगड़ा और बंगनपल्ली जैसी किस्मों का जिक्र करते हुए कहा था कि भारतीय किसानों ने गांवों से लेकर वैश्विक बाजार तक अपनी पहचान बनाई है।

वैश्विक विस्तार की दिशा में अहम कदम

सिएटल का ‘मैंगो मैजिक’ कार्यक्रम भारतीय आमों के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय आमों से बने विशेष व्यंजन भी परोसे गए। आयोजकों का मानना है कि इससे अमेरिका के पैसिफिक नॉर्थवेस्ट क्षेत्र में भारतीय आमों की लोकप्रियता और निर्यात, दोनों को नई मजबूती मिलेगी।

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