जून और जुलाई के महीने टमाटर की खेती करने वाले किसानों के लिए कमाई का बेहतरीन अवसर लेकर आते हैं। अगर सही समय पर खेत की तैयारी की जाए तो इस फसल से अच्छा-खासा मुनाफा कमाया जा सकता है। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक निर्मल कुमार गोयल ने किसानों के साथ इससे जुड़ी कुछ अहम बातें साझा की हैं। उनका कहना है कि टमाटर की अच्छी पैदावार के लिए जुताई सबसे महत्वपूर्ण है, ताकि जमीन पूरी तरह भुरभुरी हो जाए।
मध्य प्रदेश का चंबल अंचल और खासतौर पर शिवपुरी जिला टमाटर की भरपूर पैदावार के लिए पूरे प्रदेश में पहचाना जाता है। यहां की जलवायु इस फसल के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है। ऐसे में जो किसान खरीफ सीजन में टमाटर लगाकर तगड़ा मुनाफा कमाना चाहते हैं, उनके लिए जून और जुलाई का महीना बेहद अहम साबित होता है। सहायक संचालक के अनुसार इस दौरान खेतों की खास तैयारी कर किसान अपनी उपज को कई गुना तक बढ़ा सकते हैं।
खेत की 2 से 3 बार गहरी जुताई जरूरी
निर्मल कुमार गोयल बताते हैं कि खरीफ सीजन में टमाटर की रोपाई करने वाले किसानों को सबसे पहले अपने खेतों को अच्छी तरह तैयार करना चाहिए, और इसके लिए गहरी जुताई बेहद जरूरी है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे करीब दो से तीन बार खेत की भली-भांति जुताई कराएं, जिससे मिट्टी पूरी तरह भुरभुरी हो जाए।
उनका कहना है कि अगर जून और जुलाई में ही यह तैयारी पहले से कर ली जाए, तो आगे चलकर फसल में लगने वाले कई तरह के रोगों और परेशानियों से बचा जा सकता है। इस मौसम में जुताई करने से जमीन की मिट्टी हवादार और उपजाऊ बन जाती है, जो टमाटर के पौधों की जड़ों के विकास के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है।
शिवपुरी की जलवायु क्यों है टमाटर के लिए वरदान
सहायक संचालक के मुताबिक मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की जलवायु टमाटर की खेती के लिए सबसे उत्तम मानी गई है। यहां का मौसम ऐसा है कि टमाटर की फसल काफी लंबे समय तक चलती है। लंबे समय तक फसल चलने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि किसानों को बाजार में आने वाले हर तरह के भाव यानी उतार-चढ़ाव का लाभ मिल जाता है।
उन्होंने बताया कि अगर शुरुआती दिनों में दाम कम भी रहें, तो बाद में मिलने वाले ऊंचे भाव से घाटे की भरपाई हो जाती है। यही वजह है कि शिवपुरी के किसानों को टमाटर की खेती से अच्छा मुनाफा मिलता है।
अप्रैल तक चलती रहती है फसल
उद्यानिकी विभाग के अनुसार शिवपुरी और आसपास के इलाकों में किसान जुलाई के अंत तक टमाटर के पौधों की रोपाई का काम शुरू कर देते हैं। एक बार सही तरीके से रोपाई हो जाने के बाद यह फसल अगले साल अप्रैल महीने तक लगातार चलती रहती है। यानी करीब 8 से 9 महीने तक किसान इससे लगातार फल तोड़कर मंडियों में बेच सकते हैं।
विभाग ने अपील की है कि जो भी किसान इस सीजन में बंपर कमाई करना चाहते हैं, वे बिना देर किए जून-जुलाई के इन महीनों में अपने खेतों को टमाटर की रोपाई के लिए तैयार करना शुरू कर दें।
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