पूर्णिया का फॉरस्टार: कभी बिहार का सबसे बड़ा सिनेमा हॉल, आज सिर्फ यादों में जिंदा

पूर्णिया का फॉरस्टार सिनेमा कभी बिहार का सबसे बड़ा परदे वाला सिनेमाघर था, जो 1990 के दशक में कोसी-सीमांचल समेत पूरे राज्य में मशहूर रहा। आज यह इमारत नहीं रही, पर इससे जुड़ी यादें लोगों के दिलों में आज भी ताजा हैं।

पुरानी चीजें अक्सर लोगों को बीते दिनों की यादों में ले जाती हैं। ऐसा ही नाता लोगों का पुराने जमाने के सिनेमा घरों से रहा है। इनमें से कुछ आज भी चल रहे हैं, लेकिन सिंगल स्क्रीन वाले ज्यादातर सिनेमा हॉल बंद हो चुके हैं। फिर भी इन पुरानी धरोहरों से लोगों की भावनाएं गहराई से जुड़ी हैं। किसी ने यहीं अपनी पहली फिल्म देखी, तो किसी ने परिवार, दोस्तों या प्रेमी-प्रेमिका के साथ देखी गई फिल्म को अपनी यादगार पलों में सहेज रखा है। उस दौर में सिनेमाघर अपनी भव्यता और क्षमता के लिए पहचाने जाते थे।

ऐसा ही एक नाम था बिहार के पूर्णिया का फॉरस्टार सिनेमा घर, जिसे राज्य का सबसे बड़ा सिनेमा घर कहा जाता था। आज यह सिनेमाघर भले मौजूद न हो, लेकिन पूर्णिया वासियों के दिल और जेहन में इससे जुड़ी यादें आज भी बसी हुई हैं।

कोसी-सीमांचल से लेकर पूरे बिहार तक मशहूर

बिहार का सबसे बड़े परदे वाला सिनेमा घर फॉरस्टार सिनेमा सिर्फ कोसी-सीमांचल इलाके में ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार में खूब लोकप्रिय था। 1990 के दशक में यह सिनेमाघर पूर्णिया के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में दिलों में जगह बनाने लगा था।

पहली फिल्म 'शराबी' और अमिताभ बच्चन से जुड़ी कहानी

यह सिनेमाघर पूर्णिया के चूनापुर निवासी डॉक्टर मोहन राय ने बनवाया था, जो पेशे से अमेरिका में डॉक्टर थे। यहां सबसे पहली फिल्म अमिताभ बच्चन की 'शराबी' दिखाई गई थी, वह भी मुफ्त में।

जानकारों के अनुसार, फिल्म की शूटिंग के दौरान सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के गुर्दे में चोट लग गई थी। उस समय उन्होंने अमेरिका में पूर्णिया मूल के डॉक्टर मोहन कुमार राय से अपना इलाज करवाया और स्वस्थ हुए। इसी के बाद डॉक्टर राय ने पूर्णिया के फॉर स्टार चौक के पास बने फॉर स्टार सिनेमा घर में अपनी पहली फिल्म 'शराबी' लोगों को निःशुल्क दिखाई थी।

40 किलोमीटर साइकिल चलाकर आते थे दर्शक

स्थानीय लोग शशि कुमार मिट्ठू, दिनेश पंडित, रामानंद गोस्वामी, सुभाष कुमार और चंदन दास समेत अन्य लोग बताते हैं कि फॉर स्टार सिनेमा आज भी पूर्णिया वासियों के दिल में बसता है। उनके मुताबिक, फिल्म देखने के लिए लोग 40 किलोमीटर दूर से साइकिल चलाकर यहां पहुंचते थे।

लोगों का कहना है कि उस दौर में इस सिनेमाघर में सबसे ज्यादा अमिताभ बच्चन की फिल्में देखी गईं, जिनमें सबसे पहले 'शराबी', उसके बाद 'कुली नंबर 1' और 'मर्द' जैसी फिल्में शामिल हैं। कई बार तो टिकट इतनी मुश्किल से मिलती थी कि लोगों को ब्लैक में टिकट खरीदकर फिल्म देखनी पड़ती थी। अलग-अलग जिलों से लोग यहां फिल्में देखने आते थे।

महज 10 सेकंड में ध्वस्त हुआ 70 एमएम परदे वाला हॉल

स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले 70 एमएम परदे वाले पूर्णिया जिले के इस फॉर स्टार सिनेमा को महज 10 सेकंड में ध्वस्त कर दिया गया। अब इसकी जगह बड़े मल्टीप्लेक्स मॉल बनाने की तैयारी चल रही है।

लोगों का कहना है कि भले ही अब यहां सिनेमा घर की जगह बड़े मल्टीप्लेक्स मॉल खड़े हो रहे हों, लेकिन पूर्णिया का यह फॉर स्टार सिनेमा आज भी हर पूर्णिया वासी के दिल में बसता है और 1990 के दशक की यादें ताजा करा देता है।

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