रांची के रोहित की अनोखी पहल, सूती साड़ी से बने फाइल और ऑफिस बैग से बदली 40 महिलाओं की जिंदगी

झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले रोहित गांव की महिलाओं से सूती साड़ी से फाइल और ऑफिस बैग बनवाते हैं और ट्राइब्स इंडिया से जुड़कर देशभर के सरकारी मेलों में स्टॉल लगाते हैं। उनकी इस पहल से 30-40 महिलाओं को रोजगार मिला है।

झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले रोहित आज अपनी अनोखी सोच और मेहनत के दम पर सफलता की मिसाल बन चुके हैं। वह बेहद यूनिक उत्पाद तैयार करवाने का काम करते हैं और ट्राइब्स इंडिया से भी जुड़े हुए हैं। इसी जुड़ाव के चलते वह मुफ्त में पूरे देश में जाकर सरकारी मेलों में अपने स्टॉल लगाते हैं। उनकी सबसे खास पहचान है सूती साड़ी से बनी वह फाइल, जो देखने में बेहद अलग और आकर्षक लगती है।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

रोहित बताते हैं कि एक दौर ऐसा भी था, जब उन्हें ₹1 के लिए भी सोचना पड़ता था। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उनके मुताबिक, अब ऐसा लगता है मानो वह खुद के बॉस हैं और उन्होंने कम से कम 30-40 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा है।

गांव की जिन महिलाओं को कभी ₹10 के लिए परेशानी झेलनी पड़ती थी, वही महिलाएं आज महीने का 15000 रुपये तक कमा रही हैं। यह बदलाव रोहित की इसी अनूठी पहल का नतीजा है।

साड़ी से बनी अनोखी फाइल

रोहित के पास एक ऐसी फाइल मिलती है, जिसे देखकर हर कोई चौंक जाता है। पहली नजर में लोग उसे साड़ी समझ बैठते हैं, लेकिन असल में वह साड़ी नहीं, बल्कि साड़ी से बनी हुई फाइल होती है। यही अनोखापन इसे बाकी उत्पादों से अलग बनाता है।

सरकार को भी यह उत्पाद इतना पसंद आया है कि जब किसी कार्यक्रम में गिफ्ट या इको फ्रेंडली वस्तु देनी होती है, तो उनसे एक बार में 530 तक का ऑर्डर दिया जाता है। रोहित के अनुसार, आसपास के गांवों की स्थानीय महिलाओं को वे प्रशिक्षण देते हैं और वही महिलाएं इन उत्पादों को तैयार करती हैं।

पेंटिंग और डिजाइनर बैग की रेंज

यह सिलसिला सिर्फ फाइल तक सीमित नहीं है। गांव की महिलाएं साड़ी पर बेहद खूबसूरत पेंटिंग और राजा-रानी की कहानियों को भी उकेरती हैं। सिल्क साड़ी या साधारण सिल्क साड़ी पर भी वे पेंटिंग करती हैं। इसके साथ ही रोहित के पास पेंटिंग किए हुए सुंदर बैग और ऑफिस ले जाने वाले तरह-तरह के डिजाइनर बैग भी उपलब्ध रहते हैं।

खास बात यह है कि ये डिजाइन किसी बड़े डिजाइनर ने नहीं, बल्कि गांव की महिलाओं ने ही तैयार किए हैं। सरकार इन उत्पादों के भी ऑर्डर देती है। ये सभी चीजें इको फ्रेंडली हैं और पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं।

पूरे देश में फैला कारोबार

ट्राइब्स इंडिया से जुड़े होने के कारण रोहित दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत देश के लगभग हर बड़े शहर पहुंच चुके हैं। आज हालत यह है कि पूरे भारत में उनके ग्राहक मौजूद हैं। अब महीने का लाख रुपये कमाना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं रही, बल्कि कई बार तो इससे भी अधिक की कमाई हो जाती है।

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