रोहतक शोरूम अग्निकांड: 'दमकल गाड़ियों में पानी क्यों नहीं था?'—5 घंटे बाद भी धधक रहा बाजार

रोहतक के पॉश डी-पार्क इलाके में स्थित एक बड़े जूता शोरूम में मंगलवार दोपहर लगी भीषण आग ने दर्जन भर दुकानों को चपेट में ले लिया, जिसमें करीब 4 कर्मचारियों के जिंदा जलने की आशंका है। दमकल विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हरियाणा के रोहतक शहर के सबसे व्यस्त और पॉश इलाके डी-पार्क से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार दोपहर एक जूते के शोरूम में अचानक भीषण आग भड़क उठी और देखते ही देखते उसने आसपास की करीब एक दर्जन से ज्यादा दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जो जलकर खाक हो गईं। शोरूम के भीतर काम कर रहे करीब 4 कर्मचारियों के जिंदा जलने की गंभीर आशंका जताई जा रही है।

घटना के 5 घंटे बीत जाने के बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका, जिसके चलते पूरे इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस बड़े हादसे ने स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है।

दमकल विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप

प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित दुकानदारों का आरोप है कि आग लगने की सूचना देने के काफी देर बाद फायर ब्रिगेड की पहली गाड़ी मौके पर पहुंची। हालात तब और बिगड़ गए जब पहली गाड़ी का पानी खत्म होने के बाद दूसरी गाड़ी को आने में करीब 40 मिनट का समय लग गया।

दमकल विभाग की इस सुस्ती और गाड़ियों में पानी न होने की लापरवाही के कारण आग बेकाबू होकर एक के बाद एक दुकानों में फैलती चली गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि रोहतक प्रशासन को हालात संभालने के लिए तीन पड़ोसी जिलों से फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियां आपातकालीन तौर पर मंगवानी पड़ीं।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

हादसे की खबर मिलते ही शोरूम में काम करने वाले कर्मचारियों के परिजन बदहवास हालत में मौके पर पहुंच गए। लापता कर्मचारियों के भाई और माता-पिता रो-रोकर बेहाल हैं और मलबे तथा धुएं के गुबार के बीच अपनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

एक लापता युवक के भाई ने रोते हुए बताया कि उसका भाई दोपहर से अंदर फंसा हुआ है और प्रशासन की सुस्ती के कारण उसकी जान खतरे में पड़ी है।

सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने संभाला मोर्चा

घटना की गंभीरता को देखते हुए रोहतक रेंज के आईजी सिमरदीप सिंह और रोहतक के कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। आईजी सिमरदीप सिंह ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद अपने आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि कुछ लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है।

दूसरी ओर, सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने दमकल विभाग की इस देरी पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने इसे पूरी तरह प्रशासनिक विफलता और फायर स्टेशन की लापरवाही का मामला बताया और इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की। हुड्डा ने सरकार से यह भी मांग की कि पीड़ित दुकानदारों को तुरंत भारी मुआवजा दिया जाए, ताकि वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

कहां और किस दुकान में हुआ हादसा

यह दर्दनाक हादसा रोहतक शहर के पॉश इलाके डी-पार्क में स्थित एक बड़े जूता शोरूम में मंगलवार दोपहर हुआ। शोरूम के भीतर काम करने वाले करीब 4 कर्मचारियों के जिंदा जलने या अंदर फंसे होने की गंभीर आशंका है।

लोगों का आरोप है कि पहली दमकल गाड़ी के पहुंचने के बाद दूसरी गाड़ी को आने में 40 मिनट लग गए और गाड़ियों में पर्याप्त पानी तक नहीं था, जिसके चलते आग ने दर्जन भर दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।

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