यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा: दूसरे दिन 7.32 लाख अभ्यर्थी पहुंचे केंद्रों पर, नकल और फर्जीवाड़े पर हुई कई गिरफ्तारियां

उत्तर प्रदेश में आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के दूसरे दिन 75 जिलों के 1183 केंद्रों पर 7,32,731 अभ्यर्थी शामिल हुए और कुल उपस्थिति 76.10 प्रतिशत रही। नकल, प्रतिरूपण और अफवाह फैलाने के मामलों में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया।

उत्तर प्रदेश में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा का दूसरा दिन भी पूरी तरह व्यवस्थित और शांतिपूर्ण माहौल में बीता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराने के लिए की गई तैयारियों का असर मंगलवार को भी साफ दिखाई दिया। इस दिन प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्थित 1183 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के डीजी एसबी शिरडकर के मुताबिक, दोनों पालियों को मिलाकर कुल 9,62,833 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। इनमें से 7,32,731 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित रहे और कुल उपस्थिति 76.10 प्रतिशत दर्ज की गई।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, नकल पर सख्ती

भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों पर कई स्तरों की निगरानी रखी गई। बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी कैमरों से नजर, फ्रिस्किंग, पहचान की जांच और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं की गई थीं। इन्हीं कड़े इंतजामों के चलते दूसरे दिन भी अलग-अलग जिलों में नकल, प्रतिरूपण और भ्रामक प्रचार के मामले तुरंत पकड़ में आ गए और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की गई।

हरदोई में मोबाइल और प्रश्नपत्र समेत पकड़ा गया अभ्यर्थी

हरदोई के वेणी माधव विद्यापीठ इंटर कॉलेज में परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी रोहित पथौरी को नकल के इरादे से छिपाकर लाए गए मोबाइल फोन और पुरानी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के साथ पकड़ा गया। पुलिस ने उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।

अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर में फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार

अलीगढ़ के धर्म समाज महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर एक व्यक्ति फर्जी आधार कार्ड के सहारे किसी दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंच गया था। जांच में मामला पकड़े जाने पर आरोपी और उसके सहयोगी, दोनों को गिरफ्तार किया गया। इसी तरह मुजफ्फरनगर के डीएवी इंटर कॉलेज में भी एक व्यक्ति कूटरचित आधार कार्ड के जरिए किसी अन्य अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

कानपुर में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के साथ पकड़ा गया परीक्षार्थी

कानपुर के सिद्दीकी फैज-ए-आम इंटर कॉलेज मखनिया में दूसरी पाली की परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले फ्रिस्किंग के दौरान एक अभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। उससे पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले पर शिकंजा

परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो डालने के मामले में भी पुलिस ने तेजी से कदम उठाया। इंस्टाग्राम आईडी से फर्जी वीडियो प्रसारित करने वाले अमरोहा निवासी इन्द्रजीत को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

नकल माफिया और फर्जीवाड़े पर जीरो टॉलरेंस

सरकार ने साफ कर दिया है कि भर्ती परीक्षा की शुचिता के साथ खिलवाड़ करने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के डीजी ने कहा कि नकल, प्रतिरूपण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने जैसे कृत्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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