खेती-किसानी से लंबी अवधि में मोटी कमाई करने की सोच रखने वाले किसानों के लिए चंदन का पेड़ एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रहा है। यह ऐसा पौधा है जिसकी कीमत समय बीतने के साथ घटने के बजाय और चढ़ती जाती है, यानी एक बार लगाई गई फसल आने वाली पीढ़ियों तक के लिए बड़ी पूंजी तैयार कर सकती है।
कुमाऊं में श्रीखंड के नाम से पहचान
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में चंदन को श्रीखंड के नाम से जाना जाता है। अपनी विशिष्ट सुगंध, धार्मिक महत्व और औषधीय गुणों के कारण यह पूरे देश में एक खास पहचान रखता है। जन्म से लेकर मृत्यु तक होने वाले लगभग हर शुभ और मांगलिक कार्य में इसका इस्तेमाल किया जाता है, जिसने इसे बेहद मूल्यवान लकड़ी की श्रेणी में ला खड़ा किया है।
बाजार में कितनी है कीमत
चंदन की लकड़ी की बाजार में कीमत इसकी गुणवत्ता के हिसाब से तय होती है। यह ₹100 से लेकर ₹32,500 प्रति किलो तक बिकती है। यही वजह है कि इसे लगाने वाले किसान लंबे समय बाद इससे लाखों रुपये की आमदनी हासिल कर सकते हैं।
किसान बढ़ा रहे व्यावसायिक खेती की ओर कदम
चंदन की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए अब हल्द्वानी और तराई-भावर के इलाकों में किसान इसकी व्यावसायिक खेती की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह खेती किसानों की आय बढ़ाने का एक बड़ा जरिया साबित हो सकती है।
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