जयपुर अग्निकांड: पटाखों के धमाकों में उजड़े चार परिवार, 15 साल के रूबीन की कहानी झकझोर देगी

जयपुर के खोनागोरियन में एक कथित अवैध पटाखा फैक्ट्री में लगी आग ने चार लोगों की जान ले ली और आठ लोग गंभीर रूप से झुलस गए। मृतकों में 15 साल का रूबीन भी शामिल है, जो वहां सिर्फ मजदूरों को पानी पिलाने गया था।

रिहायशी बस्ती में धमाकों से मचा कोहराम

जयपुर के खोनागोरियन इलाके में आबादी के बीच चल रही एक कथित अवैध पटाखा फैक्ट्री में लगी आग ने चार लोगों की जान ले ली। इस भीषण हादसे में वाहिद, बिलाल, रूबीन और फहीम की मौत हो गई, जबकि आठ लोग बुरी तरह झुलस गए, जिनका इलाज जारी है। आग के बाद इलाके में सिर्फ जली दीवारें और मलबा ही नहीं बचा, बल्कि कई घरों में ऐसा सन्नाटा पसर गया है जिसे भर पाना मुश्किल होगा।

मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक कॉलोनी के बीच बने एक मकान में पटाखों का बड़ा भंडार रखा हुआ था। बुधवार को अचानक आग भड़की और कुछ ही पलों में धमाकों की आवाजें पूरे इलाके में गूंजने लगीं। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

जान बचाने की जद्दोजहद

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाके शुरू होते ही अंदर काम कर रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग बाहर भागने की कोशिश में झुलस गए तो कुछ सीधे आग की चपेट में आ गए। आसपास के लोग भी मदद के लिए दौड़े, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के बीच बचाव कार्य आसान नहीं रहा।

हादसे के बाद सामने आई तस्वीरें यह सवाल खड़ा करती हैं कि जिस जगह इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे जमा थे, वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक रिहायशी इलाके में इतने बड़े स्तर पर पटाखों का भंडारण आखिर कैसे हो रहा था, जिसकी जांच अब की जा रही है।

15 साल का रूबीन सिर्फ पानी पिलाने गया था

इस त्रासदी की सबसे मार्मिक कहानी 15 साल के रूबीन की है। उसकी मां नाजमीन ने बताया कि रूबीन पढ़ाई करता था और छुट्टियां बिताने आया हुआ था। वह उस दिन वहां सिर्फ मजदूरों को पानी देने गया था और फैक्ट्री में काम तक नहीं करता था।

मां का दर्द उनके शब्दों में साफ झलकता है। उनका कहना है कि आखिर उनके बेटे का क्या कसूर था, वह तो बस पानी पिलाने गया था। नाजमीन ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है।

एफएसएल टीम जुटी जांच में

हादसे के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और सैंपल जुटाने शुरू कर दिए। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आग किस वजह से लगी और धमाके कैसे हुए। घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।

चार मौतों के बाद उठते सवाल

चार लोगों की मौत और आठ लोगों के झुलसने के बाद इस मामले को महज एक दुर्घटना नहीं माना जा रहा। मजदूरों और उनके परिवारों के सामने अब रोजी-रोटी के साथ-साथ न्याय का सवाल भी खड़ा है। जांच पूरी होने में समय लग सकता है, लेकिन जिन परिवारों ने अपने अपनों को खोया है, उनके लिए हर दिन भारी पड़ रहा है।

फिलहाल पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और लोग यही पूछ रहे हैं कि अगर समय रहते सुरक्षा और निगरानी होती, तो क्या इन चार जिंदगियों को बचाया जा सकता था।

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