मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। कांग्रेस के खेमे में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है, क्योंकि पार्टी को अपने विधायकों में संभावित टूट-फूट का डर सता रहा है। इसी आशंका के चलते कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखने की रणनीति पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।
सिंघार के निवास पर जमावड़ा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के भोपाल स्थित आवास पर कांग्रेस के नेताओं और विधायकों का तांता लगा रहा। कर्नाटक के लिए रवाना होने से पहले कई विधायक सिंघार के घर पहुंचे, जहां राज्यसभा चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और आगे की रणनीति तय की गई। बैठक में टूट-फूट की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष रणनीति बनाई गई।
बीजेपी पर लगाया खरीद-फरोख्त का आरोप
कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी पर विधायकों को खरीदने का गंभीर आरोप लगाया है। विधायकों को कर्नाटक भेजने से पहले पार्टी ने पूरी रणनीति तैयार की, ताकि किसी भी तरह की सेंधमारी को रोका जा सके।
सुरजेवाला बने पर्यवेक्षक
एमपी में राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस आलाकमान ने भी बड़ा कदम उठाते हुए वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला को चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। माना जा रहा है कि प्रदेश में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम और विधायकों को एकजुट रखने की जिम्मेदारी को देखते हुए यह दायित्व उन्हें सौंपा गया है।
कांग्रेस का दावा
कांग्रेस का दावा है कि उसके सभी विधायक मजबूती के साथ पार्टी के साथ खड़े हैं और राज्यसभा चुनाव में पार्टी को सफलता हासिल होगी।
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