अमेरिका के लॉस एंजिलिस (LA) के मेयर पद की दौड़ में भारतीय मूल की नित्या रमन ने अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है। प्रगतिशील नेता और सिटी काउंसिल सदस्य नित्या रमन ने स्पेंसर प्रैट को मात देकर नवंबर में होने वाले रनऑफ चुनाव में अपनी जगह पक्की कर ली है। अब उनका अगला और सीधा मुकाबला मौजूदा मेयर करेन बैस से होगा। यह कामयाबी जहां अमेरिका की राजनीति में मायने रखती है, वहीं भारत के लिए भी इसका खास महत्व है, क्योंकि एक और भारतीय मूल की नेता अमेरिकी राजनीति में अपनी काबिलियत का परचम लहरा रही हैं।
भारत से कैसे जुड़ी हैं नित्या की जड़ें?
44 वर्षीय नित्या रमन का जन्म भारत के केरल राज्य में हुआ था। हालांकि उनका चेन्नई से भी गहरा नाता है, क्योंकि वे तमिल मूल की हैं और उनके माता-पिता भी तमिल थे। जब नित्या महज 6 साल की थीं, तभी उनके माता-पिता अमेरिका चले गए और नित्या भी वहीं बस गईं। उनकी पूरी पढ़ाई-लिखाई भी अमेरिका में ही हुई।
निजी जीवन की बात करें तो नित्या ने भी शादी भारतीय मूल के व्यक्ति से ही की है। उनके पति वली चंद्रशेखरन भारतीय मूल के टीवी निर्माता और हॉलीवुड के पटकथा लेखक हैं। इस दंपति के 10 वर्षीय जुड़वां बच्चे हैं।
हार्वर्ड और MIT से पढ़ाई, फिर राजनीति में कदम
नित्या ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने एक अर्बन प्लानर और प्रगतिशील डेमोक्रेट के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की।
फरवरी 2026 में नित्या ने उस वक्त लॉस एंजिलिस की राजनीति में खलबली मचा दी, जब उन्होंने ऐन मौके पर अपनी सहयोगी और मौजूदा मेयर करेन बैस के खिलाफ मेयर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। दिलचस्प यह है कि इससे पहले दोनों नेता एक-दूसरे की खुलकर तारीफ कर चुकी थीं।
साल 2020 में नित्या रमन ने मौजूदा पार्षद को हराकर लॉस एंजिलिस सिटी काउंसिल की सीट अपने नाम की थी। इसके बाद 2024 में वे दोबारा निर्वाचित हुईं। अपनी प्रगतिशील राजनीतिक सोच, अपेक्षाकृत कम उम्र और प्रवासी पृष्ठभूमि के चलते नित्या की एक खास पहचान बनी है और वे लगातार लोकप्रियता की सीढ़ियां चढ़ रही हैं।
नवंबर में बैस से होगा आमना-सामना
प्रैट को पीछे छोड़ने के बाद अब नित्या रमन नवंबर में मौजूदा मेयर करेन बैस के खिलाफ मैदान में उतरेंगी। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत प्रैट यह दावा कर रहे हैं कि रमन की बढ़त बेघर लोगों के वोटों के कारण आई है और वे चुनाव में धांधली के आरोप लगा रहे हैं। गौरतलब है कि नित्या ने फरवरी में नामांकन की अंतिम तारीख से ठीक पहले चुनाव लड़ने का फैसला किया था।
चुनाव के अहम मुद्दे
नवंबर में होने वाले चुनाव में बेघर लोगों की बढ़ती समस्या, हॉलीवुड उद्योग का पुनरुद्धार और पिछले साल की भीषण जंगल की आग के बाद आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाना जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। इन मुद्दों पर नित्या मजबूती से अपनी पकड़ बना रही हैं और खुद को बदलाव के बड़े चेहरे के तौर पर पेश कर रही हैं।
उनका कहना है कि शहर में आवास की समस्या और बेघर लोगों के संकट को दूर करने के लिए नई नीतियों की आवश्यकता है। ऐसे में अब नवंबर का यह मुकाबला नित्या और बैस के बीच सीधी टक्कर का होगा।
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