छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा क्षेत्र स्थित हाराडुला में कांग्रेस विधायक सावित्री मंडावी ने देर रात रेत के अवैध उत्खनन के खिलाफ अचानक दबिश दी। मौके पर कार्रवाई कराने के लिए उन्होंने खनिज विभाग के अधिकारियों को फोन लगाया, मगर किसी भी अफसर ने उनका फोन नहीं उठाया। विभाग के इस रवैये से नाराज विधायक वहीं डट गईं और रात दो बजे तक धरने पर बैठी रहीं।
कांकेर एसपी को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, उन्होंने सुरक्षा के लिए मौके पर पुलिस बल रवाना किया और विधायक सावित्री मंडावी को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। पुलिस ने घटनास्थल पर पकड़े गए वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया, जिसके बाद विधायक ने धरना समाप्त कर वहां से वापसी की।
लगातार मिल रही थीं शिकायतें
मिली जानकारी के मुताबिक, भानुप्रतापपुर की कांग्रेस विधायक सावित्री मंडावी को उनके विधानसभा क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस संबंध में वह शासन और प्रशासन को पहले ही अवगत करा चुकी थीं और लगातार कार्रवाई की मांग कर रही थीं, इसके बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया।
जब विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो विधायक खुद अपने समर्थकों के साथ रात के समय खदानों पर पहुंचकर अवैध उत्खनन पर रोक लगवाने लगीं। उन्हें हाराडुला खदान में रात के दौरान चैन माउंटेन मशीन से अवैध खुदाई की शिकायत मिल रही थी, जिसके चलते वह मौके पर पहुंचीं।
पहले भी दे चुकी हैं दबिश
विधायक सावित्री मंडावी ने इससे पहले 6 जून की रात भी अचानक वहां दबिश दी थी, लेकिन रेत माफियाओं को इसकी भनक पहले ही लग गई और वे अपनी मशीन समेत वहां से फरार हो गए। अगले दिन अवैध उत्खनन में लगा एक वाहन पकड़ा गया।
इससे पूर्व 29 मई को भी विधायक को दुर्गूकोंदल इलाके की मेरेगांव खदान में रात के समय 6 घंटे तक धरना देना पड़ा था। शिकायत के बाद खनिज विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने एक चैन माउंटेन मशीन तथा 12 हाइवा जब्त किए थे।
वहीं, 15 मई को कांकेर के सांसद भोजराज नाग ने चारामा क्षेत्र के भिलाई, भिरौद, करिहा, मचांदूर, भूईगांव और अरौद खदानों में दबिश दी थी। वहां से विभाग ने 17 चैन माउंटेन मशीन और 9 हाइवा जब्त करने की कार्रवाई की थी।
विधायक ने लिखा था पत्र
विधायक सावित्री मंडावी ने 5 जून को जिला प्रशासन को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। पत्र में उन्होंने कहा था कि उनके विधानसभा क्षेत्र में अवैध उत्खनन की शिकायतों के बावजूद प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। क्षेत्रवासियों की शिकायत पर उन्हें खुद खदानों में जाकर देर रात तक कार्रवाई के लिए धरना देना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी लिखा कि अवैध उत्खनन में शामिल बाहरी असामाजिक तत्व इलाके का माहौल बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि फिलहाल हाराडुला और कई अन्य खदानों में रात के समय हो रहे अवैध उत्खनन को रोकने के लिए उन्हें मजबूरन वहां जाना पड़ेगा।
महीनों से बंद पड़ा है सीसीटीवी
बताया जाता है कि चारामा क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा है। दरअसल चारामा के चेकिंग पॉइंट पर वाहनों की जांच के लिए सीसीटीवी लगाया गया है, मगर यह महीनों से बंद पड़ा है। जानकारों का कहना है कि इसे सोची-समझी योजना के तहत ही बंद रखा गया है, ताकि रेत की चोरी पकड़ में न आ सके।
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