राजस्थान के बीकानेर स्थित पीबीएम अस्पताल से एक बेहद चिंताजनक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां सिजेरियन डिलीवरी (C-Section) के बाद एक के बाद एक 6 महिला मरीजों की किडनी अचानक काम करना बंद कर गई। मामला उजागर होते ही पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है।
मरीजों की गंभीर हालत
पीड़ित महिलाओं में से एक इस वक्त वेंटिलेटर पर बेहद नाजुक स्थिति में है, जबकि बाकी 5 प्रसूताएं आईसीयू में अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। इन महिलाओं की बिगड़ती हालत ने परिजनों के साथ-साथ अस्पताल प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है।
परिजनों के आरोप
पीड़ित परिवारों का कहना है कि डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग रोकने के लिए जो इंजेक्शन और दवाइयां दी गईं, उन्हें लगाने के तुरंत बाद ही महिलाओं की तबीयत खराब होने लगी। वहीं दूसरी ओर ऑपरेशन थिएटर (OT) में लापरवाही और गंभीर इन्फेक्शन फैलने की आशंका भी जताई जा रही है।
कोटा की घटना ने बढ़ाई दहशत
यह घटना इसलिए भी लोगों के मन में डर पैदा कर रही है, क्योंकि करीब एक महीने पहले कोटा मेडिकल कॉलेज में भी ठीक इसी तरह डिलीवरी के बाद 5 महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई थी। दो बड़ी घटनाओं ने प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने हाई-लेवल इमरजेंसी बैठक बुलाई और जांच के लिए एक विशेष कमेटी गठित कर दी है। दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर भारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग की है।
डोटासरा ने चेतावनी दी है कि इस जानलेवा लापरवाही के विरोध में वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
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