पटना कोचिंग विवाद से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस प्रकरण में शिक्षक और यूट्यूबर फैजल खान उर्फ खान सर अब कानूनी मोर्चे पर सक्रिय होते दिख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार उनकी ओर से हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी की जा रही है, जहां उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त कराने के लिए याचिका दाखिल की जा सकती है।
जानकारी के मुताबिक खान सर की कानूनी टीम उच्च न्यायालय में “Quashing of FIR” यानी एफआईआर रद्द करने की याचिका दायर करने पर विचार कर रही है। ऐसी याचिका दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 482 के अंतर्गत दाखिल की जाती है। इस धारा के तहत हाईकोर्ट को यह अधिकार प्राप्त है कि वह अपने अंतर्निहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए गलत अथवा झूठे मामलों को समाप्त कर सके।
क्या होती है Quashing of FIR
कानूनी जानकारों के अनुसार हाईकोर्ट अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल कर कुछ परिस्थितियों में दर्ज एफआईआर को रद्द कर सकता है। ये परिस्थितियां इस प्रकार हैं—
- जब मामला पूरी तरह निराधार या झूठा पाया जाए
- जब कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग किया जा रहा हो
- जब दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो चुका हो
- जब एफआईआर में किसी गंभीर अपराध के तत्व स्पष्ट न दिखें
- जब जांच को आगे बढ़ाना न्याय के हित में न हो
कानूनी रणनीति पर टिकी नजरें
सूत्रों का कहना है कि कोचिंग विवाद से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ते कानूनी दबाव के बीच यह कदम एक अहम मोड़ माना जा रहा है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आधिकारिक पुष्टि अब भी बाकी
इस बीच पूरे मामले पर प्रशासन और कानूनी हलकों की निगाहें बनी हुई हैं। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में दाखिल की जाने वाली याचिका से इस केस की दिशा बदल सकती है।
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