जेल ब्रेक: तीन ऊंची दीवारें फांदकर फिल्मी अंदाज में फरार हुआ कैदी, पुलिस को घंटों नहीं लगी भनक

भिंड जिले की गोहद उप-जेल से पॉक्सो एक्ट का एक कैदी निर्माण सामग्री के सहारे तीन सुरक्षा दीवारें पार कर फरार हो गया। लापरवाही के आरोप में दो प्रहरियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि सीसीटीवी खराब होने से पूरी घटना रिकॉर्ड नहीं हो सकी।

मध्य प्रदेश के भिंड जिले की गोहद उप-जेल से सोमवार दोपहर करीब 2 बजे पॉक्सो एक्ट के मामले में बंद एक कैदी जेल की दीवारें फांदकर फरार हो गया। फरार होने वाले कैदी की पहचान 26 वर्षीय अनिल जाटव के रूप में हुई है, जो नवंबर 2025 से इसी जेल में बंद था। इस घटना ने जेल प्रशासन और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निर्माण सामग्री के सहारे पार कीं तीन दीवारें

मिली जानकारी के अनुसार, अनिल को 13 अन्य बंदियों के साथ खाना बनाने के लिए मेस बैरक से बाहर निकाला गया था। उसे पुताई का काम आता था और इसी दौरान उसने जेल परिसर में बन रही नई बैरक के पास रखी बांस-बल्लियों और निर्माण सामग्री का फायदा उठाया।

उसने सबसे पहले ऊंची सेक्टर वॉल को पार किया, इसके बाद करीब 20 फीट ऊंची आउटर वॉल और आखिर में 10 फीट ऊंची आखिरी बाउंड्री वॉल को फांदते हुए जेल से भागने में कामयाबी हासिल कर ली।

घंटों बाद पुलिस को दी गई सूचना

घटना के समय जेलर सरिता मिंज अपने शासकीय आवास पर मौजूद थीं। कैदी के फरार होने के बाद जेल प्रशासन ने कई घंटों तक अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग हाथ नहीं लगा तो शाम करीब 5:30 बजे पुलिस को इसकी जानकारी दी गई।

इस मामले में सामने आई लापरवाही के बाद दो प्रहरियों रामविलास तोमर और गिर्राज तोमर को निलंबित कर दिया गया है।

क्षमता से अधिक कैदी, फिर भी हुई चूक

इस जेल की क्षमता 90 कैदियों की है, जबकि फिलहाल यहां 92 बंदी रखे गए हैं। इनकी निगरानी के लिए 22 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। इतनी व्यवस्था के बावजूद कैदी के फरार हो जाने को सुरक्षा इंतजामों की बड़ी चूक माना जा रहा है।

सीसीटीवी में कैद नहीं हुई घटना

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड नहीं हो सकी। जेल प्रबंधन का कहना है कि हाल ही में आई आंधी के कारण कैमरा झुक गया था, जिसके चलते घटना कैमरे में कैद नहीं हो पाई।

इसी बीच यह चर्चा भी सामने आई कि जेल परिसर में बन रही नई डबल स्टोरी बैरक के निर्माण में नियमों के विरुद्ध कैदी अनिल से मजदूरी कराई जा रही थी। हालांकि जेल प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

जांच जारी

सेंट्रल जेल ग्वालियर के अधीक्षक विदित सरवैया ने बताया कि कैदी को खाना बनाने के लिए बाहर निकाला गया था और इसी दौरान वह निर्माण सामग्री का सहारा लेकर फरार हो गया। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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