राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा होते ही नासिक के येवला में छगन भुजबल के समर्थकों का गुस्सा सार्वजनिक रूप से दिखने लगा है। येवला शहर में जगह-जगह “साहेब निर्णय लीजिए” लिखे पोस्टर लगाए गए हैं, जिन्हें लेकर राजनीतिक गलियारों में जमकर चर्चा छिड़ी हुई है। ऐन मौके पर उम्मीदवारों की सूची से छगन भुजबल का नाम गायब रहने के बाद समर्थकों की नाराजगी और बढ़ गई है।
'मैं कबड्डी का खिलाड़ी हूं, शतरंज का नहीं'
दूसरी ओर, छगन भुजबल ने सोमवार को इस धारणा को सिरे से खारिज कर दिया कि राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार न बनाए जाने से वह नाराज हैं। हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा, ''मैं कबड्डी का खिलाड़ी हूं, शतरंज का नहीं।'' उनका कहना था कि आने वाले समय में उन्हें संसद पहुंचने का मौका मिल सकता है।
पोस्टरों के जरिए क्या संदेश देना चाहते हैं समर्थक?
गौरतलब है कि 18 जून को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव को लेकर छगन भुजबल का नाम चर्चा में बना हुआ था, लेकिन आखिरकार NCP ने राजेंद्र जैन को अपना उम्मीदवार बनाया। भुजबल ने अपने भतीजे और पूर्व सांसद समीर भुजबल को महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पद देने की मांग रखी थी। इस मांग पर अनुकूल जवाब न मिलने और राजेंद्र जैन को टिकट दिए जाने के बाद भुजबल समर्थकों में नाराजगी बताई जा रही है। पोस्टरों के माध्यम से समर्थकों ने छगन भुजबल से उनकी अगली राजनीतिक भूमिका और फैसले को लेकर स्पष्ट संकेत देने की अपील की है।
अब सबकी निगाहें इसी बात पर टिकी हैं कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद छगन भुजबल कोई बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हैं या नहीं।
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