बीकानेर के पीबीएम अस्पताल से जुड़े आचार्य तुलसी क्षेत्रीय कैंसर उपचार एवं अनुसंधान संस्थान के चिकित्सकों ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कैंसर सर्जरी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने लगभग पांच घंटे तक चले पेचीदा ऑपरेशन के जरिए 40 वर्षीय एक महिला के पेट से करीब 20 किलोग्राम वजनी विशाल ओवेरियन ट्यूमर निकालकर उसका जीवन बचा लिया। यह ट्यूमर शरीर के प्रमुख अंगों और रक्त वाहिनियों के बेहद करीब था, जिसे हटाना अपने आप में बड़ी चुनौती थी।
लंबे समय से परेशान थी मरीज
संस्थान के वरिष्ठ कैंसर सर्जन एवं विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संदीप गुप्ता के अनुसार, श्रीगंगानगर की रहने वाली यह महिला काफी समय से पेट में लगातार बढ़ रही गांठ से जूझ रही थी। ट्यूमर का आकार बढ़ते जाने के कारण उसके लिए चलना-फिरना, बैठना, सोना और सामान्य रूप से भोजन करना तक मुश्किल हो गया था। जांच में पता चला कि ट्यूमर ने पेट और पेल्विस के अधिकांश हिस्से को घेर लिया था तथा प्रमुख रक्त वाहिनियों और यूरेटर पर दबाव डाल रहा था।
क्यों मुश्किल थी यह सर्जरी
चिकित्सकों ने बताया कि यह ऑपरेशन इसलिए बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि ट्यूमर गुर्दे, यूरेटर, मूत्राशय और अहम रक्त वाहिनियों से सटा हुआ था। ऐसे में जरा-सी चूक मरीज के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकती थी। विशेषज्ञ टीम ने आधुनिक तकनीक और अपने अनुभव के दम पर ट्यूमर को शरीर से सुरक्षित रूप से अलग कर बाहर निकाला। निकाले गए ट्यूमर का आकार लगभग 138×236×261 मिलीमीटर और वजन करीब 20 किलोग्राम था।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि अब तक किए गए 500 से अधिक ओवेरियन ट्यूमर ऑपरेशनों में यह सबसे जटिल मामलों में से एक रहा। सर्जरी के दौरान मुख्य रक्त वाहिनियों, गुर्दों, यूरेटर और आंतों को पूरी तरह सुरक्षित बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती थी, जिसे टीम ने सफलतापूर्वक पार किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार देखा जा रहा है।
गौरवपूर्ण उपलब्धि
संस्थान की निदेशक डॉ. नीति शर्मा ने इसे कैंसर सेंटर के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह कामयाबी चिकित्सकों की विशेषज्ञता, समर्पण और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रमाण है। पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने कहा कि संस्थान में जटिल से जटिल कैंसर सर्जरियां नियमित रूप से की जा रही हैं और यह सफलता प्रदेश में उपलब्ध उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं का बेहतरीन उदाहरण है।
निःशुल्क हुआ संपूर्ण इलाज
एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि मरीज का पूरा उपचार राजस्थान सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत निःशुल्क किया गया। उन्होंने कहा कि अब सरकारी अस्पतालों में भी अत्याधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं।
इस कठिन सर्जरी को सफल बनाने में एनेस्थेटिक टीम, सर्जरी रेजिडेंट, ओटी नर्सिंग स्टाफ और सहयोगी कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। चिकित्सकों की इस उपलब्धि को पीबीएम अस्पताल और बीकानेर के चिकित्सा जगत की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
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