पंजाब कांग्रेस अपने संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल की दिशा में बढ़ती दिख रही है। पार्टी से जुड़े सूत्रों की मानें तो आने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर राज्य इकाई में जल्द नई जिम्मेदारियों का खाका सामने आ सकता है। इन्हीं चर्चाओं के बीच कहा जा रहा है कि पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती है। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार समिति यानी कैंपेन कमिटी का चेयरमैन बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है, जबकि वरिष्ठ नेता परगट सिंह को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका दी जा सकती है।
रणनीति पर मंथन कर रहा नेतृत्व
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान पंजाब में अपने परंपरागत वोट बैंक को दोबारा मजबूत करने की रणनीति बुनने में जुटा है। विजय इंदर सिंगला पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में मंत्री रह चुके हैं और उन्हें पार्टी का एक अहम हिंदू चेहरा माना जाता है। हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में हिंदू मतदाताओं के बीच भारतीय जनता पार्टी की बढ़ती पकड़ को देखते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर किसी हिंदू नेता को बैठाकर एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश देना चाहती है।
खोया जनाधार दोबारा पाने की कोशिश
पार्टी का आकलन है कि पंजाब में उसकी रीढ़ हमेशा से दलित और हिंदू समुदाय रहे हैं। ऐसे में सिंगला को प्रदेश अध्यक्ष और चन्नी को कैंपेन कमिटी का प्रमुख बनाकर कांग्रेस उस जनाधार को वापस अपने पाले में लाने की कोशिश कर सकती है, जो बीते समय में उससे छिटक गया।
दो कार्यकारी अध्यक्षों की भी चर्चा
इसके साथ ही सूत्रों का दावा है कि संगठन में संतुलन साधने के मकसद से पार्टी दो कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त कर सकती है। इनमें एक जिम्मेदारी जाट सिख नेता और दूसरी किसी महिला नेता को सौंपे जाने की बात कही जा रही है।
अभी कोई औपचारिक ऐलान नहीं
हालांकि इन संभावित नियुक्तियों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से फिलहाल कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। माना जा रहा है कि पार्टी पंजाब संगठन में इन बड़े बदलावों का ऐलान जल्द कर सकती है।
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