गाजीपुर के चर्चित विनीत राय हत्याकांड के बाद फैले व्यापक जनाक्रोश के बीच राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल (रानद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकांत त्यागी का प्रस्तावित गाजीपुर दौरा फिलहाल टल गया है। 'आक्रोश महारैली' की चेतावनी देने वाले त्यागी को नोएडा प्रशासन ने उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। उन्हें रोकने के लिए घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि प्रशासन की मौजूदगी में पीड़ित परिवार से बातचीत के बाद इस दौरे को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
आवास के बाहर छावनी जैसा माहौल
सूत्रों के अनुसार, श्रीकान्त त्यागी को गाजीपुर जाने से रोकने के लिए नोएडा पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। उनके आवास पर एक डीसीपी और पीएसी की तीन कंपनियों को तैनात किया गया था। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित था कि गाजीपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। इसी दौरान पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार की बात फोन पर श्रीकांत त्यागी से करवाई, और परिवार ने अब तक की गई पुलिस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया।
सामाजिक संगठनों में उबाल और 48 घंटे का अल्टीमेटम
विनीत राय की सरेआम हत्या के बाद कई सामाजिक संगठनों में जबरदस्त रोष देखा जा रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए रानद सुप्रीमो श्रीकान्त त्यागी ने गाजीपुर पुलिस और प्रशासन को अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेताया था कि यदि सख्त कदम नहीं उठाए गए तो वे गाजीपुर पहुंचकर 'आक्रोश महारैली' करेंगे। इस दबाव के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और हत्याकांड में शामिल एक लाख रुपये के इनामी बदमाश कमलेश को मुठभेड़ में मार गिराया।
बढ़ता सियासी कद
उत्तर प्रदेश के हालिया घटनाक्रमों पर नजर डालें तो सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर रानद सुप्रीमो श्रीकान्त त्यागी का प्रभाव तेजी से बढ़ता दिख रहा है। पीड़ित परिवारों के पक्ष में मुखर होकर आवाज उठाने और प्रशासन को अल्टीमेटम देकर त्वरित कार्रवाई करवाने की उनकी रणनीति असर दिखा रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि सामाजिक मुद्दों पर उनके सख्त रुख और जनदबाव के चलते ही प्रशासन मामलों को गंभीरता से लेने पर मजबूर हो रहा है, जिससे एक प्रभावशाली और जमीनी जननेता के रूप में उनकी छवि मजबूत हुई है।
फरार बदमाशों पर इनाम दोगुना, सरगना की तलाश तेज
दूसरी ओर, 29 मई को बिंदु होटल के गेट पर हुए विनीत राय हत्याकांड में शामिल अपराधियों पर पुलिस ने शिकंजा और कस दिया है। वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण ने मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों आलोक दुबे और जगदीश सिंह यादव उर्फ सोनू यादव पर इनाम की राशि 50-50 हजार से बढ़ाकर 1-1 लाख रुपए कर दी है। इस मामले में मुख्य आरोपी और गैंग सरगना शंकर पांडेय पर पहले से ही एक लाख रुपए का इनाम घोषित है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। वहीं एक अन्य आरोपी कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद को पुलिस पहले ही एनकाउंटर में मार चुकी है।
क्या है पूरा मामला
यह वारदात 29 मई की रात करीब 11:15 बजे की है। गाजीपुर की अष्टभुजी कॉलोनी के रहने वाले आलोक राय के बेटे विनीत राय रेलवे लाइन पार गौसाबाद स्थित बिंदु होटल से अपनी बुलेट लेकर घर के लिए निकल रहे थे। तभी होटल के गेट पर ही घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ पांच गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी। इस हत्याकांड की गूंज लखनऊ में बैठे आला अधिकारियों तक पहुंची।
होटल मालिक आलोक राय उर्फ डब्ल्यू राय ने एडीजी पीयूष मोर्डिया के समक्ष गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे साल 2024 से ही इस कटरा गैंग के अपराधियों शंकर पांडेय, कमलेश बिंद, सोनू यादव और आलोक दुबे के खिलाफ स्थानीय कोतवाली से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायतें भेज रहे थे, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल पुलिस बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
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