गर्भावस्था में आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट्स क्यों जरूरी? जानें गायनेकोलॉजिस्ट की राय

गर्भावस्था के दौरान मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की सेहत के लिए आयरन और कैल्शियम बेहद अहम होते हैं। जानें ये सप्लीमेंट्स क्यों दिए जाते हैं और इन्हें लेने का सही तरीका क्या है।

गर्भवती महिलाओं को अक्सर आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है। कई बार तो प्रसव के बाद भी महिलाओं को कई महीनों तक इन्हें लेना पड़ता है। दरअसल गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई बड़े बदलाव होते हैं। इस अवस्था में सिर्फ मां को ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए भी अतिरिक्त पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यही वजह है कि डॉक्टर संतुलित आहार के साथ-साथ आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं, क्योंकि ये दोनों पोषक तत्व मां और बच्चे की सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

आयरन शरीर में क्या काम करता है

विशेषज्ञों के अनुसार आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट्स इसलिए दिए जाते हैं ताकि महिला और गर्भस्थ शिशु दोनों की ग्रोथ ठीक तरह से हो सके। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो खून के माध्यम से ऑक्सीजन को पूरे शरीर तक पहुंचाने का काम करता है। गर्भावस्था के समय महिला के शरीर में खून की मात्रा बढ़ जाती है, जिसके चलते आयरन की जरूरत भी बढ़ जाती है।

अगर शरीर में आयरन की कमी हो जाए, तो एनीमिया की समस्या हो सकती है, जिसके कारण थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। गंभीर स्थिति में यह मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

कैल्शियम क्यों है जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि कैल्शियम गर्भ में पल रहे शिशु की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए आवश्यक होता है। इसके अलावा यह मां की हड्डियों, मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज में भी अहम भूमिका निभाता है।

अगर गर्भावस्था के दौरान शरीर को पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिलता, तो शरीर शिशु की जरूरत पूरी करने के लिए मां की हड्डियों से कैल्शियम लेने लगता है, जिससे आगे चलकर हड्डियों के कमजोर होने का खतरा बढ़ सकता है। इसी कारण कैल्शियम सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है।

दोनों गोलियां एक साथ न लें

आयरन और कैल्शियम की गोलियां कभी भी एक साथ नहीं लेनी चाहिए। इसकी वजह यह है कि कैल्शियम आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। इसलिए दोनों सप्लीमेंट्स के बीच कुछ घंटों का अंतर रखने की सलाह दी जाती है।

खानपान से कैसे मिलेगा पोषण

विशेषज्ञों के मुताबिक दूध, दही, हरी सब्जियां, दालें और कई अन्य फूड्स आयरन तथा कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। हालांकि कई बार सिर्फ खानपान से गर्भावस्था की बढ़ी हुई जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि डॉक्टर महिला की स्थिति और जांच रिपोर्ट के आधार पर सप्लीमेंट्स की सलाह देते हैं, ताकि मां और शिशु दोनों को पर्याप्त पोषण मिल सके।

डॉक्टर की सलाह जरूरी

हर गर्भवती महिला की पोषण संबंधी जरूरतें अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए आयरन या कैल्शियम सप्लीमेंट्स की मात्रा और अवधि डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही तय की जानी चाहिए। बिना चिकित्सक की सलाह के किसी भी सप्लीमेंट का सेवन न तो शुरू करना चाहिए और न ही बंद करना चाहिए।

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