राजेश एक्सपोर्ट्स में LIC की हिस्सेदारी पर चेयरमैन का बड़ा बयान, कहा- शेयर खुले बाजार से खरीदे, किसी प्रोमोटर ने नहीं बेची हिस्सेदारी

राजेश एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन राजेश मेहता ने स्पष्ट किया कि एलआईसी ने कंपनी के शेयर करीब 20 साल की अवधि में खुले बाजार से खरीदे हैं और इसमें किसी प्रोमोटर की कोई भूमिका नहीं रही। उन्होंने भरोसा जताया कि किसी भी स्थिति में आम खुदरा निवेशकों को ही लाभ होगा।

सोने के आभूषण बनाने वाली कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन राजेश मेहता ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के निवेश से जुड़े फैसलों से अपनी कंपनी को पूरी तरह अलग बताया है। नियामकीय दबाव और कई समस्याओं से जूझ रही इस कंपनी में एलआईसी के निवेश को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच मेहता ने कहा कि परिस्थिति चाहे जैसी भी रहे, अंततः लाभ आम खुदरा शेयरधारकों को ही मिलेगा। उन्होंने कहा, ''एलआईसी ने ये शेयर न तो कल खरीदे और न ही पिछले साल। यह खरीदारी करीब 20 साल की अवधि में हुई है। एलआईसी ने ये शेयर खुले बाजार यानी शेयर बाजार से खरीदे हैं।''

एलआईसी के पास है 10.80 प्रतिशत हिस्सेदारी

उल्लेखनीय है कि राजेश एक्सपोर्ट्स में एलआईसी की 10.80 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मेहता ने दो टूक कहा कि एलआईसी द्वारा इन शेयरों को हासिल करने में न तो उनकी और न ही किसी अन्य प्रोमोटर की कोई भूमिका रही है। उन्होंने कहा, ''किसी भी प्रोमोटर ने कभी अपने शेयर एलआईसी को नहीं बेचे। कंपनी ने भी कभी एलआईसी को कोई शेयर जारी नहीं किया। एलआईसी की इस खरीदारी से न तो कंपनी को और न ही प्रोमोटरों को किसी प्रकार का लाभ हुआ है।''

एलआईसी का अपना व्यावसायिक निर्णय

मेहता ने जोर देकर कहा कि एलआईसी के निवेश संबंधी फैसलों से कंपनी का कोई वास्ता नहीं है और न ही उसे इसकी कोई जानकारी रहती है। उन्होंने कहा, ''हमें तो यह तक नहीं पता कि एलआईसी का दफ्तर कहां है। हमारा उनसे न कोई संपर्क है और न ही कोई रिश्ता। द्वितीयक बाजार के जरिए शेयर खरीदना उनका अपना सोच-समझकर लिया गया व्यावसायिक फैसला है।''

शेयरों में गिरावट और निवेशकों का फायदा

राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में आई तेज गिरावट के बावजूद मेहता ने अपने आकलन के आधार पर भरोसा जताया कि एलआईसी को अब तक कोई नुकसान नहीं हुआ है। गौरतलब है कि कंपनी के शेयर 3 जून से अब तक 14 प्रतिशत से अधिक टूट चुके हैं और सोमवार को ये 94.50 रुपये के नए निचले स्तर पर पहुंच गए। उन्होंने कहा, ''अगर मान भी लें कि एलआईसी को नुकसान हुआ है, तो उसके बदले फायदा किसे मिला? जब किसी को नुकसान होता है तो किसी न किसी को लाभ भी होता है। यह लाभ आखिर किसे हुआ? यह आम भारतीय जनता को हुआ है।''

एलआईसी के बाहर निकलने के सवाल पर जवाब

चेयरमैन ने कहा, ''एलआईसी ने ये शेयर आम भारतीय जनता से लिए हैं, जिससे जनता को फायदा हुआ है। इसमें गलत क्या है? जो लोग इसके खिलाफ बोल रहे हैं, क्या वे आम भारतीयों के हित के विरुद्ध बोल रहे हैं?'' जब उनसे पूछा गया कि क्या एलआईसी के बाहर निकलने से कंपनी में अस्थिरता आ सकती है, तो मेहता ने इस आशंका को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी बिक्री को खुदरा निवेशक एक अवसर के रूप में देख सकते हैं। उन्होंने कहा, ''अगर वे बेचना चाहते हैं तो बेचने दें। लोगों को फिर से खरीदने का मौका मिलेगा। इससे आम लोगों को फायदा हुआ है, कंपनी या प्रोमोटर को नहीं।''

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