फरीदाबाद के डीग गांव के किसान बदन सिंह ने पारंपरिक सब्जियों की खेती में लगातार घाटा उठाने के बाद एक नया रास्ता चुना है। बार-बार होने वाले नुकसान से परेशान होकर उन्होंने अपने खेत में अरबी की फसल लगाने का प्रयोग शुरू किया है, जो आसपास के किसानों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
ओलावृष्टि के बाद बदला फसल का रुख
बदन सिंह बताते हैं कि ओलावृष्टि के कारण उनकी तोरी, खीरा और घीया की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। इसी नुकसान से सबक लेते हुए उन्होंने 3 बिस्वा जमीन में अरबी की रोपाई की है। उनका मानना है कि अगर यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में वे बड़े पैमाने पर अरबी की खेती करेंगे।
एक एकड़ में कई फसलें एक साथ
किसान के मुताबिक उन्होंने एक एकड़ खेत में अरबी के साथ-साथ तोरी और चौलाई का साग भी लगाया हुआ है। इस तरह वे एक ही खेत में कई फसलें उगाकर जोखिम को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश से मंगाया बीज
बदन सिंह ने बताया कि अरबी का बीज वे उत्तर प्रदेश से लेकर आए हैं। उनके अनुसार फरीदाबाद का मौजूदा मौसम और यहां का मीठा पानी अरबी की खेती के लिए पूरी तरह अनुकूल नजर आ रहा है, जिससे उन्हें अच्छी पैदावार की उम्मीद है।
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