उत्तर प्रदेश के शामली में एक बड़े दवा कारोबारी परिवार के बेटे आयुष मलिक के कथित धर्मांतरण का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि आयुष को कई वर्ष पहले एक सोची-समझी साजिश के तहत प्रेम जाल में फंसाया गया और फिर उस पर धर्म बदलने का दबाव डाला गया। इसी विवाद के बीच आयुष, जो अब खुद को मोहम्मद अली कहते हैं, ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।
उनका कहना है कि उन्होंने अपनी स्वेच्छा से इस्लाम धर्म स्वीकार किया और चांदनी कुरैशी के साथ निकाह भी अपनी पूरी सहमति से किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पूरे फैसले में किसी तरह का दबाव या साजिश शामिल नहीं थी।
परिवार को कब चली निकाह की भनक
आयुष उर्फ मोहम्मद अली ने बताया कि उनका निकाह करीब चार साल पहले हुआ था। निकाह के बाद भी चांदनी अपने ही घर में रहती रहीं, जबकि वह अपने परिवार के साथ रह रहे थे। उन्होंने बताया कि जब उनकी बहन की शादी की तैयारी चल रही थी, उसी दौरान उन्होंने अपने परिवार को बताया कि वह इस्लाम स्वीकार कर चुके हैं और चांदनी से उनका निकाह हो चुका है।
उनके मुताबिक, जब उन्होंने परिवार के सामने चांदनी की एक तस्वीर दिखाई, जिसमें वह हिजाब और बुर्के में नजर आ रही थीं, तो घर के लोग हैरान रह गए और बेहद नाराज हो उठे।
जिम में मुलाकात के आरोप को नकारा
अली ने उन दावों को भी गलत ठहराया जिनमें कहा जा रहा है कि उनकी मुलाकात चांदनी से जिम में हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस वक्त चांदनी जिम में ट्रेनर के तौर पर काम करती थीं, उस दौरान वह वहां जाते ही नहीं थे।
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में उनका और चांदनी के भाई का नाम गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है। उनके अनुसार, चांदनी का भाई कभी उनकी दवा की दुकान पर नहीं आया और जिम से जोड़कर जो कहानी गढ़ी जा रही है, उसका हकीकत से कोई वास्ता नहीं है।
नाम बदलने पर दी सफाई
आयुष ने बताया कि आधिकारिक दस्तावेजों में आज भी उनका नाम आयुष मलिक ही दर्ज है, क्योंकि नाम बदलने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। हालांकि इस्लाम अपनाने के बाद उन्होंने अपना नाम मोहम्मद अली रख लिया था।
उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा, ‘मैं महान मुक्केबाज मोहम्मद अली और हजरत अली से प्रभावित था। इसी कारण मैंने अपना नाम मोहम्मद अली रखा और अब सभी लोग मुझे इसी नाम से जानते हैं।’
पाकिस्तान कनेक्शन के आरोपों पर सफाई
बातचीत के दौरान जब उनसे पाकिस्तान से जुड़े वीडियो देखने और कथित पाकिस्तान कनेक्शन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इन आरोपों को भी निराधार करार दिया। आयुष ने कहा कि उन्होंने इस्लाम को समझने और जानने के लिए दुनियाभर के इस्लामिक विद्वानों और वक्ताओं के वीडियो देखे, जिनमें कई देशों के वक्ता शामिल थे। उनके मुताबिक किसी खास देश या संगठन से उनका कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘मैंने यूट्यूब से इस्लाम के बारे में सीखा। साल 2007-08 से मैंने इस विषय में जानकारी लेना शुरू किया था। धीरे-धीरे धर्म को समझा और फिर अपनी इच्छा से इस्लाम स्वीकार किया।’
ब्रेनवॉश और साजिश के आरोप खारिज
परिवार की ओर से लगाए गए ब्रेनवॉश और साजिश के आरोपों पर आयुष ने कहा कि उनके खिलाफ जो बातें कही जा रही हैं, वे गलतफहमी और अफवाहों पर टिकी हैं। उन्होंने कहा, ‘यह कहना गलत है कि किसी ने मेरा ब्रेनवॉश किया। मैंने खुद इस्लाम के बारे में पढ़ा, समझा और फिर उसे अपनाने का फैसला किया। इसमें किसी तरह का दबाव या साजिश नहीं थी।’
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी और चांदनी की पहली मुलाकात एक फिजियोथेरेपी सेंटर में हुई थी। बाद में दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और उन्होंने खुद चांदनी को शादी का प्रस्ताव दिया। उनके अनुसार, ‘निकाह किसी दबाव में नहीं हुआ। मैंने अपनी मर्जी से उसे प्रपोज किया था और उसके बाद दोनों परिवारों की जानकारी में निकाह हुआ।’
पाकिस्तान जाने के सवाल पर क्या बोले
पाकिस्तान जाने से जुड़े सवाल पर आयुष से मोहम्मद अली बने इस शख्स ने कहा कि वह कभी पाकिस्तान नहीं गए और उनके पास पासपोर्ट तक नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में अगर वह कहीं जाना चाहेंगे तो उनकी इच्छा मक्का और मदीना जाने की है। उन्होंने स्पष्ट किया, ‘मेरा कभी पाकिस्तान जाने का कोई विचार नहीं रहा। अगर धार्मिक यात्रा की बात है तो मैं मक्का और मदीना जाना चाहूंगा।’
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