दीपावली पर नैनीताल के पर्यटन कारोबार को लगा बड़ा झटका
उत्तराखंड की प्रसिद्ध सरोवर नगरी नैनीताल में इस बार दिवाली का त्योहार पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के लिए निराशाजनक साबित हुआ है। आमतौर पर त्योहारों और लंबी छुट्टियों के दौरान सैलानियों से गुलजार रहने वाले नैनीताल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल, होटल और स्थानीय बाजार इस बार काफी हद तक सूने नजर आए। पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से होटल संचालकों ने कमरों के किराये पर 50 प्रतिशत तक का भारी डिस्काउंट भी दिया, लेकिन इसके बावजूद शहर में सैलानियों की आमद में कोई खास बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई।
स्थानीय पर्यटन कारोबारियों के अनुसार, इस दिवाली पर शहर में पर्यटकों की संख्या घटकर केवल 10 से 20 प्रतिशत तक ही सीमित रह गई है। सैलानियों की इस बेहद कम मौजूदगी के कारण होटल उद्योग के साथ-साथ झील में बोटिंग कराने वाले नाव चालकों, स्थानीय टैक्सी चालकों और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर बेहद विपरीत प्रभाव पड़ा है।
50 फीसदी की छूट के बावजूद खाली रहे कमरे
नैनीताल में दीपावली और उससे जुड़े वीकेंड का समय हमेशा से पर्यटन कारोबार के लिहाज से काफी अहम माना जाता रहा है। छुट्टियों के कारण कारोबारियों को हर साल की तरह इस बार भी बंपर बुकिंग मिलने की उम्मीद थी। इसी उम्मीद के तहत होटल मालिकों ने सैलानियों की आमद बढ़ाने के लिए कमरों की बुकिंग पर 50 प्रतिशत तक की विशेष छूट की घोषणा की थी।
इसके बावजूद स्थिति यह रही कि अधिकतर होटलों में कमरे खाली ही रह गए और कुल बुकिंग उम्मीद से काफी नीचे सिमट गई। हालात इतने ज्यादा खराब हो गए कि त्योहार के इस सीजन में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े कई लोगों के लिए अपने दैनिक और त्यौहार संबंधी खर्चों को निकाल पाना भी बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया।
नाव कारोबारियों की उम्मीदों पर फिरा पानी
पर्यटकों की भारी कमी का असर नैनी झील में नौकायन कराने वाले नाव चालकों पर भी पड़ा है। नैनीताल नाव मालिक समिति के सचिव नरेंद्र सिंह चौहान ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि दिवाली का त्योहार वीकेंड पर होने की वजह से सभी नाव कारोबारियों को एक अच्छे और लाभप्रद सीजन की आस थी, लेकिन धरातल पर सैलानियों की संख्या बेहद निराशाजनक रही।
नरेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, इस बार दिवाली के दौरान बोटिंग का कुल कारोबार 20 प्रतिशत से भी कम का रहा है। ऐसी विषम परिस्थितियों में नाव मालिकों के लिए त्योहार के दौरान होने वाले सामान्य रखरखाव और अन्य खर्चों की भरपाई करना भी मुश्किल हो रहा है।
भ्रामक सोशल मीडिया रीलें और यात्रा की परेशानी बनीं वजह
सैलानियों की संख्या में आई इस भारी गिरावट के कारणों पर बात करते हुए नाव मालिक समिति के सचिव नरेंद्र सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक जानकारियों को इसका जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नैनीताल को लेकर कई तरह की गलत और भ्रामक रीलें और खबरें शेयर की जा रही हैं। इन झूठी जानकारियों के चलते नैनीताल आने की योजना बना रहे पर्यटक असमंजस की स्थिति में पड़ जाते हैं और अपनी यात्रा रद्द कर देते हैं।
इसके अलावा, नैनीताल शहर तक पहुंचने के मार्ग में पर्यटकों को होने वाली विभिन्न परेशानियों और यातायात संबंधी दिक्कतों ने भी सैलानियों के रुख को प्रभावित किया है। इन तमाम कारणों के समन्वय ने इस साल दिवाली पर नैनीताल के पूरे पर्यटन चक्र को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
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