उत्तर प्रदेश के 45 जिलों में तैनात होंगी 34 कंपनी पीएसी, दिवाली और छठ पर सुरक्षा का हाई अलर्ट

दिवाली से लेकर छठ पूजा तक उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है, जिसमें 45 जिलों में अतिरिक्त पीएसी बलों की तैनाती के साथ पुलिसकर्मियों की छुट्टियां भी 17 नवंबर तक रद्द कर दी गई हैं।

त्योहारों के बीच उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का चक्रव्यूह

उत्तर प्रदेश में आगामी त्योहारों को देखते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ जैसे पर्वों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। इसी सिलसिले में डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। राज्य के 45 जिलों और विभिन्न जीआरपी थानों में सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 34 कंपनी और एक प्लाटून अतिरिक्त पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) को तैनात किया गया है।

45 जिलों में पीएसी का वितरण

डीजीपी मुख्यालय की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पीएसी आवंटित की गई है। इस तैनाती का विवरण इस प्रकार है:

  • लखनऊ, अलीगढ़ और वाराणसी में दो-दो कंपनी पीएसी तैनात की गई है।
  • कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, बरेली, गोरखपुर, आजमगढ़ और मुजफ्फरनगर जैसे प्रमुख शहरों में एक-एक कंपनी पीएसी को भेजा गया है।
  • आगरा और सहारनपुर के लिए एक-एक प्लाटून पीएसी का आवंटन किया गया है।
  • इन प्रमुख शहरों के अलावा राज्य के अन्य संवेदनशील जिलों में भी आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

अयोध्या और चित्रकूट पर विशेष नजर

दीपावली के मौके पर अयोध्या और चित्रकूट में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने यहां विशेष प्रबंध किए हैं। अयोध्या में दीपोत्सव-2026 की भव्यता और सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस अधिकारियों को लगाया गया है। यहां तैनात रहने वाली टीम में 7 एएसपी, 20 सीओ और 27 निरीक्षक शामिल हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए 70 उपनिरीक्षक, 14 महिला उपनिरीक्षक, 300 मुख्य आरक्षी और आरक्षियों के साथ 25 महिला आरक्षियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अयोध्या की सुरक्षा में पीएसी के अतिरिक्त आरएएफ, एटीएस, एनएसजी और एसडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद रहेंगी।

दूसरी ओर, चित्रकूट में दीपावली अमावस्या के अवसर पर होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यहाँ तीन कंपनी पीएसी के साथ दो प्लाटून फ्लड रेस्क्यू टीम तैनात की गई है। यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए दो सीओ, चार यातायात उपनिरीक्षक, और 40 मुख्य आरक्षियों व आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चित्रकूट में बम निरोधक दस्ता और एसडीआरएफ की एक-एक अतिरिक्त टीम भी तैनात है।

पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द

त्योहारों की अवधि के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस के किसी भी जवान या अधिकारी का अवकाश पर रहना फिलहाल संभव नहीं होगा। डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए 17 नवंबर तक पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। हालांकि, यदि कोई अत्यंत आवश्यक या विशेष परिस्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित अधिकारी की लिखित अनुमति के बाद ही अवकाश पर विचार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पूर्व में राज्य के सभी विभागों को त्योहारों के दौरान सतर्क रहने और अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त करने के निर्देश दिए थे।

बाजारों से घाटों तक पैनी नजर

अतिरिक्त पुलिस बल का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजारों, धार्मिक स्थलों, पूजा पंडालों और छठ घाटों पर सुरक्षा प्रदान करना है। पुलिस प्रशासन इन क्षेत्रों में फुट पेट्रोलिंग को भी बढ़ावा दे रहा है ताकि असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण रखा जा सके। बाजारों में बढ़ती भीड़ के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को होने से पहले ही रोकना इस पूरी कवायद का मुख्य लक्ष्य है। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि जवानों की भारी तैनाती से न केवल आम जनता में विश्वास बढ़ेगा, बल्कि त्योहारों का माहौल भी सौहार्दपूर्ण बना रहेगा।

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